चीन की चुनौती: ताइवान के रोबोटिक कुत्ते और भारत की साउथ चाइना सी में रणनीतिक उपस्थिति
साउथ चाइना सी में दो तरफा घिरा चीन, भारत ने डराया, फिर ताइवान ने छोड़े खास प्रजाति के 3 'कुत्ते'
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ताइवान ने साउथ चाइना सी में चीन की गतिविधियों का मुकाबला करने के लिए तीन रोबोटिक 'कुत्तों' का प्रदर्शन किया है। भारत ने भी अपनी 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत इस क्षेत्र में अपनी नौसेना की उपस्थिति बढ़ाई है, जिससे चीन की स्थिति कमजोर हुई है।
- 01ताइवान ने तीन प्रकार के रोबोटिक कुत्तों का लाइव डेमो किया, जिनमें से एक में ऑटोमैटिक गन है।
- 02भारत ने साउथ चाइना सी में अपनी नौसेना की गश्त बढ़ाई है, जिससे चीन की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
- 03भारत ने फिलीपींस को ब्रह्मोस मिसाइलों की आपूर्ति की है, जिससे चीनी नौसेना को सीधा खतरा है।
- 04ताइवान के रोबोटिक कुत्ते दुश्मन के इलाकों में जासूसी और निगरानी के लिए सक्षम हैं।
- 05भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ मिलकर साउथ चाइना सी में 'फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक' का समर्थन कर रहा है।
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ताइवान की सेना ने साउथ चाइना सी में चीन की बढ़ती गतिविधियों का मुकाबला करने के लिए तीन प्रकार के रोबोटिक 'कुत्तों' का प्रदर्शन किया है। ये रोबोटिक डॉग जासूसी, निगरानी और हमले के लिए सक्षम हैं। ताइवान ने अमेरिकी कंपनी 'घोस्ट रोबोटिक्स' से इन रोबोटों को खरीदा है, जो चीन की हरकतों पर नजर रखेंगे। दूसरी ओर, भारत ने अपनी 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत साउथ चाइना सी में अपनी नौसेना की उपस्थिति को बढ़ाया है, जिसमें गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर्स और पनडुब्बियां शामिल हैं। भारत ने फिलीपींस को ब्रह्मोस मिसाइलों की आपूर्ति की है, जिससे चीन की नौसेना को सीधा खतरा है। इस प्रकार, ताइवान और भारत दोनों मिलकर चीन की रणनीतिक स्थिति को चुनौती दे रहे हैं।
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भारत और ताइवान की रणनीतिक गतिविधियों से साउथ चाइना सी में चीन की स्थिति कमजोर हो रही है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा में सुधार हो सकता है।
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