खड़गपुर में चुनाव के दौरान शराबबंदी के बावजूद अवैध बिक्री जारी
खड़गपुर में चुनाव के दौरान शराबबंदी बेअसर, अवैध ढाबों में तीन-चार गुना दाम पर हो रही कालाबाजारी
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खड़गपुर, पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दौरान लागू शराबबंदी का उल्लंघन हो रहा है। अवैध ढाबों में शराब की कालाबाजारी की जा रही है, जहां कीमतें सरकारी दाम से तीन-चार गुना अधिक हैं। जिला मद एवं मादक द्रव्य विरोधी कमेटी ने अधिकारियों से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
- 01खड़गपुर में शराबबंदी का उल्लंघन हो रहा है।
- 02अवैध ढाबों में शराब की कीमतें सरकारी दाम से तीन-चार गुना अधिक हैं।
- 03जिला मद एवं मादक द्रव्य विरोधी कमेटी ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
- 04अगर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई है।
- 05चुनाव आयोग के निर्देशानुसार, शराब दुकानों को बंद रखने का आदेश है।
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खड़गपुर, पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दौरान निर्वाचन आयोग द्वारा लगाई गई शराबबंदी का मजाक उड़ाया जा रहा है। सरकारी शराब दुकानों के बंद होने के बावजूद अवैध ढाबों और गुमटियों में खुलेआम शराब की कालाबाजारी हो रही है। जिला मद एवं मादक द्रव्य विरोधी कमेटी ने आरोप लगाया है कि इन ठिकानों पर शराब की कीमतें सरकारी दाम से तीन-चार गुना अधिक वसूली जा रही हैं। कमेटी के जिला अध्यक्ष नारायण चंद्र नायक ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देशानुसार, पहले चरण के मतदान के लिए 20 से 23 अप्रैल और दूसरे चरण के लिए 25 से 29 अप्रैल तक शराब दुकानों को बंद रखने का आदेश है। इस दौरान अवैध ढाबा संचालकों ने भारी स्टॉक जमा कर लिया है। कमेटी ने विभिन्न ब्रांडों की सरकारी और बाजार कीमतों का तुलनात्मक ब्यौरा पेश किया है, जिसमें 'बिंदास' (600 ml) की सरकारी कीमत ₹170 है, जबकि अवैध बाजार में यह ₹400 से ₹500 में बिक रही है। नायक ने आरोप लगाया कि आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस की नाक के नीचे यह अवैध कारोबार चल रहा है। कमेटी ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन को तेज करेंगे।
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अवैध शराब बिक्री से स्थानीय कानून व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जिससे नागरिकों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
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