बिहार में बालू-पत्थर परिवहन के लिए नए नियम, ISTP अनिवार्य
बिहार में दूसरे राज्यों से बालू-पत्थर लाने के लिए बदल गए नियम, 10 जून से चाहिए होगा ISTP पास, जान लें रजिस्ट्रेशन का प्रोसेस
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बिहार में 10 जून से दूसरे राज्यों से बालू और पत्थर लाने वाले वाहनों के लिए इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (ISTP) लेना अनिवार्य होगा। पंजीकरण के लिए शुल्क 60 रुपये प्रति मीट्रिक टन और 85 रुपये प्रति घनमीटर है।
- 0110 जून से दूसरे राज्यों से खनिज लाने वाले वाहनों के लिए ISTP लेना अनिवार्य होगा।
- 02ISTP के लिए पंजीकरण शुल्क 60 रुपये प्रति मीट्रिक टन और 85 रुपये प्रति घनमीटर निर्धारित किया गया है।
- 03खनिज लाने के 6 घंटे के भीतर ISTP लेना आवश्यक है।
- 04ऑनलाइन भुगतान ही मान्य होगा, ऑफलाइन भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- 05ISTP की वैधता परिवहन चालान की अवधि के अनुसार होगी।
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बिहार में कंस्ट्रक्शन से जुड़े व्यवसायों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। 10 जून से, दूसरे राज्यों से बालू, पत्थर और अन्य लघु खनिज लाने वाले वाहनों के लिए इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (ISTP) लेना अनिवार्य होगा। नवादा जिला खनन पदाधिकारी के अनुसार, सभी वाहनों को ISTP पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के लिए निर्धारित शुल्क 60 रुपये प्रति मीट्रिक टन और 85 रुपये प्रति घनमीटर है। खनिज लाने के 6 घंटे के भीतर ISTP लेना आवश्यक है और भुगतान केवल ऑनलाइन किया जा सकेगा। ISTP की वैधता उसी अवधि तक होगी, जितनी परिवहन चालान की वैधता है। यदि जांच के दौरान ISTP या खनिज परिवहन चालान में से कोई एक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होता है, तो दंड का प्रावधान है।
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नए नियमों के तहत खनिज परिवहन करने वाले वाहन मालिकों को अब अतिरिक्त शुल्क और पंजीकरण प्रक्रिया का पालन करना होगा।
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