भारतीय भाषा ग्रीष्म शिविर 2026 का उद्घाटन, बहुभाषाई कौशल को बढ़ावा
Rewari News :: 'भारतीय भाषा ग्रीष्म शिविर' भाषाई विविधता और सांस्कृतिक एकता का महापर्व :: शिक्षाविद मनोज वशिष्ठ

Image: Gramsamachar
रेवाड़ी में 'भारतीय भाषा ग्रीष्म शिविर 2026' का उद्घाटन 1 से 7 जून तक आयोजित किया जा रहा है। यह शिविर विद्यार्थियों को बहुभाषाई कौशल सिखाने के साथ-साथ सांस्कृतिक एकता को भी बढ़ावा देगा। उद्घाटन सत्र में प्रमुख शिक्षाविदों ने भाग लिया और भारतीय सांकेतिक भाषा का समावेश किया गया।
- 01शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों को बहुभाषाई कौशल से समृद्ध करना है।
- 02डॉ. नम्रता सचदेवा ने बहुभाषावाद को रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया।
- 03शिविर में भारतीय सांकेतिक भाषा (ISL) का समावेश किया गया है।
- 04विद्यार्थियों ने खेल-खेल में वर्णमाला, संख्या और अभिवादन सीखने की गतिविधियों में भाग लिया।
- 05शिविर का आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप किया जा रहा है।
Advertisement
In-Article Ad
रेवाड़ी के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 'भारतीय भाषा ग्रीष्म शिविर 2026' का उद्घाटन 1 से 7 जून तक किया जा रहा है। इस शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों को बहुभाषाई कौशल से समृद्ध करना और सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देना है। उद्घाटन सत्र में दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही प्रमुख शिक्षाविदों ने भाग लिया, जिसमें डॉ. नम्रता सचदेवा और मनोज वशिष्ठ शामिल थे। डॉ. सचदेवा ने बहुभाषावाद को रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने की बात की, जबकि वशिष्ठ ने इसे 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के सपने को साकार करने का माध्यम बताया। शिविर में भारतीय सांकेतिक भाषा (ISL) का समावेश किया गया है, जो समावेशी शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पहले दिन विद्यार्थियों ने खेल-खेल में वर्णमाला, संख्या और अभिवादन जैसी बुनियादी बातें सीखी। इस अनूठी पद्धति से बच्चों की जिज्ञासा और सहभागिता को बढ़ावा मिला।
Advertisement
In-Article Ad
यह शिविर विद्यार्थियों को बहुभाषाई कौशल सिखाने के साथ-साथ सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देगा।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
आपको क्या लगता है, क्या बहुभाषाई कौशल का विकास आवश्यक है?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।





