रूस और ईरान की रणनीतिक साझेदारी: सैन्य मदद न मिलने के कारण
ईरान से रणनीतिक साझेदारी के बाद भी रूस क्यों नहीं कर रहा सैन्य मदद? ये 2 कारण, फिर भी तेहरान खुश क्यों
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रूस और ईरान के बीच एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि है, लेकिन रूस अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान को सैन्य मदद नहीं दे रहा है। इसका मुख्य कारण यूक्रेन युद्ध में रूस की व्यस्तता और खाड़ी देशों के साथ उसके अच्छे संबंध हैं। इसके बावजूद, ईरान रूस से संतुष्ट है क्योंकि वह संयुक्त प्रतिबंधों का विरोध कर रहा है।
- 01रूस और ईरान के बीच 20 साल की रणनीतिक साझेदारी संधि है।
- 02रूस यूक्रेन युद्ध में व्यस्त होने के कारण ईरान को सैन्य मदद नहीं दे रहा।
- 03रूस के खाड़ी देशों के साथ अच्छे संबंध भी मदद न देने का एक कारण हैं।
- 04ईरान रूस से संतुष्ट है क्योंकि वह संयुक्त प्रतिबंधों का विरोध कर रहा है।
- 05संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस ईरान का समर्थन कर सकता है।
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रूस और ईरान के बीच 17 जनवरी 2025 को हस्ताक्षरित एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि है, जो रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करती है। हालांकि, रूस अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान को सैन्य मदद नहीं दे रहा है। इसका मुख्य कारण यूक्रेन युद्ध में रूस की व्यस्तता है, जिससे वह किसी भी ऐसे कदम से बचना चाहता है जो उसे और दबाव में डाल सके। इसके अलावा, रूस के अच्छे संबंधों के कारण संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब के साथ, वह नहीं चाहता कि ईरान के कारण उसके ये रिश्ते बिगड़ें। ईरान को इस बात का एहसास है कि रूस उसके साथ है, खासकर जब संयुक्त प्रतिबंधों का सामना करने की बात आती है। इस प्रकार, ईरान रूस से सैन्य मदद न मिलने के बावजूद संतुष्ट है।
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इस स्थिति का असर ईरान के सैन्य और कूटनीतिक संबंधों पर पड़ सकता है, जिससे वह अपने सहयोगियों के साथ बेहतर तरीके से बातचीत कर सकेगा।
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