रणथंभौर टाइगर रिजर्व में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस का खतरा, हाई अलर्ट जारी
राजस्थान के टाइगर रिजर्व में हाई अलर्ट, रणथंभौर में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस का बढ़ा खतरा

Image: Jagran
राजस्थान के रणथंभौर टाइगर रिजर्व में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (सीडीवी) के बढ़ते खतरे के कारण हाई अलर्ट घोषित किया गया है। मध्यप्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की मौत के बाद यह कदम उठाया गया है। वन विभाग ने 30 गांवों में 350 से अधिक कुत्तों का टीकाकरण करने की योजना बनाई है।
- 01कान्हा टाइगर रिजर्व में आधा दर्जन बाघों की मौत के बाद हाई अलर्ट जारी किया गया है।
- 02रणथंभौर टाइगर रिजर्व में 77 बाघ, बाघिन और शावक हैं, जो 1700 वर्ग किलोमीटर में फैले हैं।
- 03वन विभाग ने कुत्तों के टीकाकरण के लिए 30 गांवों में अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
- 04एनटीसीए ने कैनाइन डिस्टेंपर वायरस को वन्यजीवों के लिए घातक बताया है।
- 05टीकाकरण अभियान के तहत मिट्टी, पानी और वन्यजीवों के सैंपल भी लिए गए हैं।
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राजस्थान के रणथंभौर टाइगर रिजर्व में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (सीडीवी) के बढ़ते खतरे के कारण हाई अलर्ट घोषित किया गया है। यह निर्णय मध्यप्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में आधा दर्जन बाघों की मौत के बाद लिया गया है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की एडवाइजरी के अनुसार, रणथंभौर टाइगर रिजर्व के आसपास रहने वाले कुत्तों का टीकाकरण किया जाएगा। वन विभाग ने रणथंभौर के जिला वन अधिकारी मानस सिंह के नेतृत्व में 30 गांवों में 350 से अधिक कुत्तों के टीकाकरण की योजना बनाई है। इसके साथ ही, उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है जहाँ कुत्तों और वन्यजीवों के संपर्क की संभावना अधिक है। सावधानी के तहत मिट्टी, पानी और वन्यजीवों के सैंपल भी लिए गए हैं। रणथंभौर टाइगर रिजर्व में 77 बाघ, बाघिन और शावक हैं, जो 1700 वर्ग किलोमीटर में फैले हुए हैं। क्षेत्रीय निदेशक प्रताप सिंह ने बताया कि वन विभाग ने सभी वनकर्मियों को वायरस के लक्षण, संकमण के तरीके और बचाव के उपायों की जानकारी दी है।
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यह टीकाकरण अभियान स्थानीय कुत्तों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे बाघों और अन्य वन्यजीवों के स्वास्थ्य को खतरा कम होगा।
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