2026 विधानसभा चुनावों में असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के परिणामों का विश्लेषण
क्या खोया, क्या पाया: 2026 के विधानसभा चुनाव
The Hindu
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2026 के विधानसभा चुनावों में असम में भाजपा ने अकेले दम पर 64 सीटों का आंकड़ा पार किया, जबकि पश्चिम बंगाल में टीएमसी को हार का सामना करना पड़ा। चुनाव में लगभग 27 लाख मतदाता सूची से हटा दिए गए, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं।
- 01भाजपा ने असम में 101 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया।
- 02कांग्रेस का प्रदर्शन असम में सबसे खराब रहा।
- 03पश्चिम बंगाल में भाजपा की दीर्घकालिक योजना ने सफलता दिलाई।
- 04टीएमसी के सामने अस्तित्व का संकट है।
- 05लगभग 27 लाख मतदाता सूची से हटाए गए।
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2026 के विधानसभा चुनावों में असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के परिणाम महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलावों को दर्शाते हैं। असम में भाजपा ने 126-सदस्यीय विधानसभा में 101 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया, जो कि पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा, और उसके पास अब 1985 के बाद से सबसे कम सीटें हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल में भाजपा ने दीर्घकालिक रणनीति के जरिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को पराजित किया, जिससे टीएमसी के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। इस चुनाव में लगभग 27 लाख मतदाता बिना किसी कारण के सूची से हटा दिए गए, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर चिंता का विषय है। यह चुनाव भारत के इतिहास में सबसे दागदार चुनावों में से एक माना जा रहा है, जिससे लोकतंत्र की नींव पर सवाल उठते हैं।
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भाजपा की जीत ने असम में राजनीतिक स्थिरता को बढ़ावा दिया है, जबकि कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन ने उसके समर्थकों में निराशा पैदा की है।
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