हरियाणा में 365 अधिकारियों पर कार्रवाई, सेवाओं में लापरवाही के लिए नोटिस जारी
हरियाणा में 47 IAS और 4 IPS सहित 365 अधिकारी-कर्मचारियों पर गिरी गाज, समय पर सेवाएं नहीं देने पर नोटिस जारी
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Image: Jagran
हरियाणा के सेवा का अधिकार आयोग ने 365 अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की है, जिनमें 47 IAS और 4 IPS शामिल हैं। इन पर समय पर सेवाएं न देने का आरोप है। आयोग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट भी लगाई जा सकती है।
- 01राज्य सरकार को 365 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा गया है, जिनमें 7 IAS अधिकारियों के खिलाफ पहले ही सिफारिश की गई है।
- 02हरियाणा के सेवा का अधिकार आयोग ने 50 सेवाओं को डी-नोटिफाई किया है, जिनकी उपयोगिता नहीं थी।
- 03आयोग ने वाट्सएप चैटबाट और मोबाइल ऐप की शुरुआत की है, जिससे नागरिक सेवाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
- 04वित्त वर्ष 2025-26 में 2.06 करोड़ आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 94.71 प्रतिशत समय पर निपटाए गए।
- 05मुख्य आयुक्त टीसी गुप्ता ने सुझाव दिया कि लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट लगाई जाए ताकि समय पर काम करने की संस्कृति विकसित हो सके।
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हरियाणा के सेवा का अधिकार आयोग ने 365 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है, जिनमें 47 IAS और 4 IPS अधिकारी शामिल हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने जनता की समस्याओं के समाधान में लापरवाही बरती है। आयोग ने राज्य सरकार को इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए लिखा है। आयोग के मुख्य आयुक्त, रिटायर्ड IAS टीसी गुप्ता ने बताया कि पिछले डेढ़ साल में सात IAS अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है। इसके अलावा, 48 IAS और चार IPS अधिकारियों को भी लापरवाही के लिए चेतावनी दी गई है। आयोग ने 50 ऐसी सेवाओं को डी-नोटिफाई किया है जिनकी कोई उपयोगिता नहीं थी, और किसानों व विद्यार्थियों के हित की सेवाओं को समयबद्ध सेवाओं में जोड़ा गया है। इसके साथ ही, नागरिकों की सुविधा के लिए वाट्सएप चैटबाट और मोबाइल ऐप की शुरुआत की गई है, जिससे वे अपनी समस्याओं का समाधान कर सकेंगे। वित्त वर्ष 2025-26 में आयोग को 2.06 करोड़ आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 94.71 प्रतिशत समय पर निपटाए गए। टीसी गुप्ता ने लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट लगाने का सुझाव दिया है ताकि समय पर काम करने की संस्कृति विकसित हो सके।
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इस कार्रवाई से अधिकारियों में समय पर सेवाएं प्रदान करने की प्रवृत्ति विकसित हो सकती है, जिससे नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
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