बिहार में फर्जी 'ED डायरेक्टर' बनाकर डीएम पर दबाव बनाने वाला जालसाज गिरफ्तार
फर्जी 'ED डायरेक्टर' बन डीएम को फोन, बना रहा था दबाव... 12 साल से जालसाजी कर रहा बिहार का 'नटवरलाल' गिरफ्तार
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बिहार के भोजपुर जिले में एक जालसाज ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ED) का निदेशक बताकर जिला पदाधिकारी तनय सुल्तानिया को फोन किया और दबाव बनाने की कोशिश की। आरोपी, अभिषेक भोपल्का उर्फ अभिषेक अग्रवाल, पिछले 12 वर्षों से इसी प्रकार की धोखाधड़ी कर रहा था और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
- 01अभिषेक भोपल्का ने खुद को ED का निदेशक बताकर अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश की।
- 02आरोपी का आपराधिक इतिहास 12 वर्षों का है, जिसमें कई धोखाधड़ी के मामले शामिल हैं।
- 03पुलिस ने आरोपी को पटना में गिरफ्तार किया और उसके पास से ₹2.61 लाख नकद बरामद किए।
- 04जिलाधिकारी की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने एक बड़ी साजिश को विफल कर दिया।
- 05इस मामले ने साइबर सुरक्षा और प्रशासनिक सतर्कता की आवश्यकता को उजागर किया।
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बिहार के भोजपुर जिले में एक जालसाज ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ED) का निदेशक बताकर जिला पदाधिकारी तनय सुल्तानिया को फोन किया, जिससे उसने दबाव बनाने की कोशिश की। हालांकि, जिलाधिकारी की सतर्कता ने इस प्रयास को विफल कर दिया। आरोपी, अभिषेक भोपल्का उर्फ अभिषेक अग्रवाल, पिछले 12 वर्षों से इसी तरह के धोखाधड़ी के मामलों में संलिप्त रहा है। पुलिस ने उसे पटना के कोतवाली क्षेत्र से गिरफ्तार किया और उसके पास से ₹2.61 लाख नकद और एक मोबाइल फोन बरामद किया। आरोपी ने पहले भी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में खुद को प्रस्तुत कर पुलिस अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश की थी। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह घटना प्रशासन और समाज के लिए एक चेतावनी है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ऐसे जालसाजों के खिलाफ अधिक सतर्कता और तकनीकी दक्षता की आवश्यकता है।
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यह घटना प्रशासनिक अधिकारियों और आम लोगों के लिए साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को दर्शाती है।
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