12वीं के छात्र ने सीबीएसई के ओएसएम टेंडर में विसंगतियों का किया खुलासा
12वीं के छात्र ने CBSE के ओएसएम टेंडर की विसंगतियों को किया उजागर, अब सवालों के जवाब की उम्मीद

Image: Jagran
कक्षा 12 के छात्र सार्थक सिद्धांत ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के ओएसएम टेंडर में विसंगतियों का खुलासा किया है, जो किसी विशेष सेवा प्रदाता के प्रति पक्षपाती व्यवहार को दर्शाते हैं। उन्होंने सीबीएसई से सवालों के जवाब की उम्मीद जताई है।
- 01सार्थक सिद्धांत ने सीबीएसई के ओएसएम टेंडर में कम से कम 15 विसंगतियों की पहचान की है।
- 02पहला टेंडर जीईएम पोर्टल से हटा दिया गया, जबकि दूसरे टेंडर में सभी बोलीदाता असफल रहे।
- 03तीसरा टेंडर एक एडुटेक कंपनी को दिया गया, जिससे टीसीएस जैसी बड़ी कंपनियों को नुकसान हुआ।
- 04नए आरएफपी में पुराने टेंडर की तीन महत्वपूर्ण शर्तें हटा दी गईं।
- 05सार्थक ने ओएसएम प्रणाली की व्यापक जांच की आवश्यकता पर जोर दिया।
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कक्षा 12 के छात्र सार्थक सिद्धांत ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के 'ऑन स्क्रीन मार्किंग' (ओएसएम) टेंडर प्रक्रिया में गंभीर विसंगतियों का खुलासा किया है। उन्होंने अपने ब्लॉग में सीबीएसई के निविदा दस्तावेजों की तुलना करते हुए बताया कि इनमें किसी विशेष सेवा प्रदाता के प्रति पक्षपाती व्यवहार के संकेत हैं। सार्थक ने कहा कि उन्होंने कम से कम 15 विसंगतियों की पहचान की, जिनमें से कुछ प्रमुख हैं—पहला टेंडर जीईएम पोर्टल से हटा दिया गया, दूसरे टेंडर में सभी बोलीदाता असफल रहे, और तीसरा टेंडर एक एडुटेक कंपनी को दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि नए निविदा प्रस्ताव (आरएफपी) में पुराने टेंडर की कुछ महत्वपूर्ण शर्तें हटा दी गईं, जिससे टीसीएस जैसी बड़ी कंपनियों को नुकसान हुआ। सार्थक ने सीबीएसई से इन सवालों के जवाब की उम्मीद जताई है और ओएसएम प्रणाली की व्यापक जांच की आवश्यकता पर जोर दिया।
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सीबीएसई के टेंडर में विसंगतियों का खुलासा शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता की आवश्यकता को उजागर करता है।
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