ईरान-अमेरिका संघर्ष: अमेरिका के हथियार भंडार पर बढ़ता दबाव
जंग को लंबी खींच रहा ईरान, जानें- अमेरिका के पास अब बचे कितने हथियार
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ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष के कारण अमेरिका के हथियार भंडार पर दबाव बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने अपने लगभग 45% प्रिसीजन स्ट्राइक मिसाइल और 60% से अधिक THAAD इंटरसेप्टर का उपयोग किया है। यदि संघर्ष लंबा खिंचता है, तो अमेरिका की सैन्य रणनीति और उत्पादन क्षमता की परीक्षा होगी।
- 01अमेरिका ने 45% प्रिसीजन स्ट्राइक मिसाइल और 60% THAAD इंटरसेप्टर का उपयोग किया है।
- 02टॉमहॉक मिसाइलों में से 850 से अधिक का उपयोग हो चुका है।
- 03THAAD और पैट्रियट सिस्टम पर दबाव बढ़ रहा है।
- 04अमेरिका अपने हथियारों के भंडार को तेजी से भरने की योजना बना रहा है।
- 05ईरान के हमलों के कारण अमेरिका की डिफेंस क्षमता पर असर पड़ रहा है।
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ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव में सीजफायर की कोई निश्चितता नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बिना समयसीमा के सीजफायर बढ़ा दिया है, लेकिन ईरान ने अमेरिका की नाकेबंदी को 'जंग जैसा कदम' बताया है। वॉशिंगटन स्थित Center for Strategic and International Studies (CSIS) की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने अपने लगभग 45% प्रिसीजन स्ट्राइक मिसाइल, 60% THAAD इंटरसेप्टर और 50% पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम का उपयोग किया है। अमेरिका के पास अभी भी पर्याप्त मिसाइलें हैं, लेकिन भविष्य के संघर्षों के लिए चिंता बनी हुई है। टॉमहॉक मिसाइलों की संख्या में से 850 का उपयोग हो चुका है, जबकि THAAD सिस्टम के 360 में से 190-290 इंटरसेप्टर का उपयोग किया गया है। अमेरिका अपने हथियारों का भंडार तेजी से भरने की योजना बना रहा है, जिसमें टॉमहॉक मिसाइलों की डिलीवरी को 55 से 785 करने का लक्ष्य रखा गया है। यदि संघर्ष लंबा खिंचता है, तो अमेरिका की सैन्य रणनीति और उत्पादन क्षमता की परीक्षा होगी।
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यदि संघर्ष बढ़ता है, तो अमेरिका के हथियारों की कमी से विश्व में सुरक्षा स्थिति प्रभावित हो सकती है।
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