केरल में मॉनसून का आगमन, मछली पकड़ने पर 52 दिनों का प्रतिबंध
Monsoon 2026: मॉनसून ने केरल में दी दस्तक, सरकार ने 52 दिनों के लिए मछली पकड़ने पर लगाया बैन, वजह क्या?
Image: Nbt Navbharattimes
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने केरल में दस्तक दी है, जो भारत के कृषि के लिए महत्वपूर्ण है। सरकार ने 10 जून से 31 जुलाई तक मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लगाया है, ताकि समुद्री संसाधनों और मछली प्रजनन की रक्षा की जा सके।
- 01मॉनसून का आगमन 1 जून के सामान्य समय से तीन दिन की देरी से हुआ है।
- 02केरल सरकार ने 10 जून से 31 जुलाई तक मछली पकड़ने पर 52 दिन का प्रतिबंध लगाया है।
- 03यह प्रतिबंध समुद्री संसाधनों की रक्षा और मछली प्रजनन के मौसम को ध्यान में रखते हुए लगाया गया है।
- 04मॉनसून केरल से शुरू होकर धीरे-धीरे उत्तर भारत की ओर बढ़ता है।
- 05भारत की लगभग 51 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि वर्षा पर निर्भर है, जिससे मॉनसून का महत्व बढ़ जाता है।
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दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने गुरुवार को आधिकारिक तौर पर केरल में दस्तक दी, जिससे किसानों और बाजारों में राहत की लहर दौड़ गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने इस बात की पुष्टि की है कि मॉनसून सामान्यतः 1 जून को आता है, लेकिन इस बार यह तीन दिन की देरी से पहुंचा है। साथ ही, केरल सरकार ने राज्य के तटीय क्षेत्रों में 10 जून से 31 जुलाई तक मछली पकड़ने पर 52 दिनों का प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने बताया कि यह प्रतिबंध समुद्री संसाधनों की रक्षा और मछली प्रजनन के मौसम को ध्यान में रखते हुए लगाया गया है। आईएमडी की निदेशक नीता के गोपाल ने बताया कि मॉनसून अब मंगलुरु तक पहुंच चुका है और अगले कुछ दिनों में यह कर्नाटक और गोवा के तटों को भी कवर करेगा। मॉनसून का आगमन भारत की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह पूरे देश में वर्षा चक्र की शुरुआत करता है।
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मछली पकड़ने पर प्रतिबंध से स्थानीय मछुआरों और समुद्री संसाधनों पर प्रभाव पड़ेगा।
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