राहुल गांधी ने CBSE की फीस बढ़ोतरी और गलत मार्किंग पर उठाए सवाल
CBSE कितनी कमाई कर रहा है? जेबकतरों से सावधान; आंसर सीट की जांच को लेकर आगबबूला हुए राहुल गांधी
Image: Nbt Navbharattimes
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सीबीएसई द्वारा आंसर सीट की जांच में फीस वसूलने पर सरकार की आलोचना की। उन्होंने इसे छात्रों के साथ अन्याय बताया और कहा कि गलत मार्किंग के लिए छात्रों को भारी शुल्क चुकाना पड़ रहा है।
- 01राहुल गांधी ने CBSE को 'जेबकतरों' की संज्ञा दी और फीस वसूलने पर नाराजगी जताई।
- 02एक छात्र को अपनी आंसर सीट की सही जांच के लिए 2000 रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं।
- 03सीबीएसई द्वारा गलत मार्किंग के लिए छात्रों पर शुल्क का बोझ डाला जा रहा है।
- 04राहुल ने कहा कि शिक्षा को व्यापार बना दिया गया है, जिससे छात्रों को नुकसान हो रहा है।
- 05सीबीएसई के टेंडर में स्वचालित रोबोटिक स्कैनर की शर्तें हटाई गईं, जिससे स्कैनिंग की गुणवत्ता प्रभावित हुई।
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कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सीबीएसई द्वारा आंसर सीट की जांच में शुल्क वसूलने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे छात्रों के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि जब स्कैनिंग मोबाइल फोन से होती है, तो गलत मार्किंग होना तय है। इस प्रक्रिया में छात्रों को अपनी आंसर सीट की सही जांच के लिए 2000 रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं। राहुल ने सीबीएसई को 'जेबकतरों' की संज्ञा दी और कहा कि इस प्रणाली से छात्रों पर भारी आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि जब शिक्षा को सेवा नहीं, बल्कि व्यापार बना दिया जाता है, तब छात्रों को इसकी सबसे बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है। इसके अलावा, सीबीएसई के हालिया टेंडर में स्वचालित रोबोटिक स्कैनर की शर्तें हटा दी गईं, जिससे स्कैनिंग की गुणवत्ता में कमी आई है। राहुल ने सरकार की इस नीति को धोखाधड़ी करार दिया है।
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छात्रों को गलत मार्किंग और फीस के कारण वित्तीय बोझ का सामना करना पड़ रहा है।
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