उत्तर प्रदेश में अनुदेशकों की सैलरी में वृद्धि और नए लाभ
यूपी में अनुदेशकों को क्या क्या मिला? बढ़ी हुई सैलरी, मातृत्व अवकाश और हेल्थ बीमा के बारे में जानें

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 24,717 अनुदेशकों को 1 अप्रैल से मानदेय में ₹9,000 की वृद्धि का चेक दिया, जिससे उनका मानदेय ₹17,000 हो गया। इसके अलावा, अनुदेशकों को कैशलेस स्वास्थ्य बीमा और महिला अनुदेशकों के लिए छह महीने का मातृत्व अवकाश भी प्रदान किया गया है।
- 01अनुदेशकों की भर्ती 2011 में 41,307 की गई थी, जो 13,769 मिडिल स्कूलों में कार्यरत हैं।
- 022022 में अनुदेशकों के मानदेय में ₹2,000 की वृद्धि की गई थी, जिसके बाद यह ₹9,000 हुआ था।
- 03महिला अनुदेशकों को छह महीने का मातृत्व अवकाश मिलेगा।
- 04शिक्षामित्रों का वेतन भी बढ़ाकर ₹18,000 किया गया है।
- 05सीएम योगी ने 2017 में शिक्षामित्रों का मानदेय ₹3,500 से बढ़ाकर ₹10,000 किया था।
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 24,717 अनुदेशकों को बढ़े हुए मानदेय का चेक सौंपा है। 1 अप्रैल से अनुदेशकों के मानदेय में ₹9,000 की वृद्धि की गई है, जिससे उनका मानदेय अब ₹17,000 हो गया है। मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों को शिक्षा विभाग की नींव बताया और कहा कि उनका मानदेय सम्मानजनक होना चाहिए। 2011 में 41,307 अनुदेशकों की भर्ती की गई थी, जो प्रदेश के 13,769 मिडिल स्कूलों में कार्यरत हैं। इसके अलावा, अनुदेशकों को कैशलेस स्वास्थ्य बीमा का लाभ भी दिया जाएगा और महिला अनुदेशकों को छह महीने का मातृत्व अवकाश मिलेगा। शिक्षामित्रों का वेतन भी बढ़ाकर ₹18,000 किया गया है, जो पहले ₹10,000 था। यह दूसरी बार है जब सीएम योगी ने शिक्षामित्रों के वेतन में वृद्धि की है।
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The salary increase and additional benefits will enhance the financial stability of instructors and teaching assistants, positively impacting their livelihoods.
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