भगवान पार्श्वनाथ की विशेष पूजा में भक्तों ने अनुभव किया भक्ति का महत्व
भक्तों को विभिन्न रूपों में मिलते हैं भगवान : अनुभूति माता

Image: Amar Ujala
बड़ागांव स्थित त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में भगवान पार्श्वनाथ की विशेष पूजा-अर्चना हुई, जिसमें श्रद्धालुओं ने 48 दीप जलाए। अनुभूति माता ने भक्ति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सच्ची भक्ति से ही मनुष्य अपना कल्याण कर सकता है। उन्होंने सभी को भक्ति के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
- 01भक्तांबर महामंडल विधान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
- 02भगवान पार्श्वनाथ की पूजा में 48 दीप जलाए गए।
- 03अनुभूति माता ने भक्ति के महत्व पर प्रवचन देते हुए कहा कि सच्ची भक्ति से जीवन सफल होता है।
- 04उन्होंने बताया कि नियमित भक्ति करने वालों पर भगवान विभिन्न रूपों में कृपा बरसाते हैं।
- 05इस आयोजन में क्षेत्र के कई प्रमुख भक्तगण उपस्थित थे।
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बड़ागांव, उत्तर प्रदेश में स्थित त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में भगवान पार्श्वनाथ की विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने 48 दीप जलाकर भगवान की भक्ति की। भक्तांबर महामंडल विधान के तहत आयोजित इस धर्म सभा में अनुभूति माता ने प्रवचन दिया, जिसमें उन्होंने भक्ति के महत्व पर जोर दिया। माता ने कहा कि सच्ची भक्ति से ही मनुष्य अपना कल्याण कर सकता है। उन्होंने भक्तों को बताया कि भगवान को प्राप्त करने का सबसे सरल मार्ग सच्ची भक्ति करना है। माता ने सभी श्रद्धालुओं से अपने जीवन को सार्थक बनाने के लिए भक्ति के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। इस आयोजन में क्षेत्र के कई प्रमुख भक्तगण जैसे श्यामलाल जैन, राजीव जैन, राहुल जैन, दीपक जैन, अंकुश जैन, और नितिन जैन भी उपस्थित थे। इस प्रकार, यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक था, बल्कि भक्ति के महत्व को भी उजागर करता है।
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इस आयोजन ने क्षेत्र के भक्तों को भक्ति के महत्व को समझने और अपने जीवन को सार्थक बनाने के लिए प्रेरित किया।
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