घाना में 'सेक्स के बदले नौकरी' प्रथा पर राष्ट्रपति का कड़ा रुख
'सेक्स के बदले नौकरी', अफ्रीकी देश में जारी प्रथा से राष्ट्रपति भी परेशान!
Aaj Tak
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घाना के राष्ट्रपति जॉन महामा ने 'सेक्स के बदले नौकरी' प्रथा को अपराध घोषित करने की मांग की है। यह कदम उन समस्याओं की ओर इशारा करता है, जो लंबे समय से समाज में मौजूद हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि इस प्रथा को दंडनीय बनाना जरूरी है ताकि शोषण को रोका जा सके।
- 01राष्ट्रपति जॉन महामा ने 'सेक्स के बदले नौकरी' को अपराध घोषित करने की मांग की है।
- 02भर्ती प्रक्रिया में लैंगिक असमानता पर छात्रा के सवाल का जवाब देते हुए महामा ने कहा कि मौजूदा कानून पर्याप्त नहीं हैं।
- 03घाना में बेरोजगारी और प्रतिस्पर्धा के कारण यह प्रथा जारी है।
- 04कानून बनने से कार्यस्थल पर बड़ा बदलाव आ सकता है।
- 05इस मुद्दे पर कानून बनाने की मांग से समाज में जागरूकता बढ़ेगी।
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घाना के राष्ट्रपति जॉन महामा ने 'सेक्स के बदले नौकरी' प्रथा को अपराध घोषित करने की मांग की है। यह मांग 1 मई को कोफोरिडुआ में आयोजित एक टाउन हॉल प्रोग्राम के दौरान उठी, जब एक छात्रा ने भर्ती प्रक्रिया में लैंगिक असमानता पर सवाल किया। महामा ने कहा कि मौजूदा नियम और नीतियां इस समस्या को हल करने में असफल हैं। उन्होंने इसे शोषण का खतरनाक रूप बताया और कहा कि इसे दंडनीय बनाने के लिए कानून पास होना चाहिए।
घाना में युवाओं में बेरोजगारी की समस्या और सरकारी नौकरियों के लिए प्रतिस्पर्धा के कारण यह प्रथा जारी है। पूर्व कानूनी सलाहकार विक्टोरिया ब्राइट ने राष्ट्रपति के रुख का स्वागत किया और इसे स्वीकार नहीं किए जाने योग्य बताया। यदि इस प्रथा को अपराध बनाने वाला कानून लाया जाता है, तो इससे कार्यस्थल में बड़ा बदलाव आ सकता है। हालांकि, इस कानून को लागू करना एक चुनौती होगी।
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यदि 'सेक्स के बदले नौकरी' प्रथा को अपराध घोषित किया जाता है, तो इससे कार्यस्थल पर शोषण कम होगा और महिलाओं को अधिक सुरक्षा मिलेगी।
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