उत्तर प्रदेश ने रामसर साइट में नंबर वन बनने की तैयारी की, योगी सरकार ने बनाया मास्टर प्लान
तमिलनाडु को पछाड़कर रामसर साइट में 'नंबर वन' बनने की तैयारी में यूपी, योगी सरकार ने बनाया मास्टर प्लान
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Image: Jagran
उत्तर प्रदेश ने आर्द्रभूमियों के संरक्षण में तेजी से कदम बढ़ाते हुए 12 रामसर साइट के साथ देश में दूसरा स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तमिलनाडु को पीछे छोड़कर नंबर वन बनने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं। यह पहल जैव विविधता और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी।
- 01उत्तर प्रदेश ने 12 रामसर साइट के साथ देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
- 02मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तमिलनाडु को पीछे छोड़ने के लिए मास्टर प्लान बनाया है।
- 03सरकार ने संभावित आर्द्रभूमियों की पहचान और प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है।
- 04रामसर साइट का दर्जा मिलने से जैव विविधता संरक्षण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ होगा।
- 05विशेषज्ञों का मानना है कि यूपी की भौगोलिक स्थिति इसे इस क्षेत्र में अग्रणी बना सकती है।
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उत्तर प्रदेश ने आर्द्रभूमियों के संरक्षण में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 12 रामसर साइट के साथ देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की आर्द्रभूमियों की पहचान और वैज्ञानिक मूल्यांकन के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं, जिससे राज्य का लक्ष्य तमिलनाडु की 20 रामसर साइट को पीछे छोड़ना है। रामसर कन्वेंशन के तहत मान्यता प्राप्त साइटों की संख्या बढ़ाने की योजना के तहत, बलिया स्थित सुरहाताल पक्षी विहार को जल्द ही रामसर साइट में शामिल करने की उम्मीद है। रामसर साइट का दर्जा मिलने से जैव विविधता संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और प्रवासी पक्षियों के लिए सुरक्षित आवास सुनिश्चित होगा। इसके साथ ही, विदेशी पर्यटकों की आवाजाही से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यूपी की भौगोलिक स्थिति इसे इस क्षेत्र में अग्रणी बना सकती है।
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इस पहल से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और जैव विविधता संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
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