ग्रैंड स्क्वायर कॉम्प्लेक्स विवाद: व्यापारियों का अवैध निर्माण के खिलाफ विरोध
ग्रैंड स्क्वायर कॉम्प्लेक्स विवाद: व्यापारियों का आरोप-पहले कराते हैं अवैध निर्माण, फिर सीलिंग के नाम पर वसूली
Amar Ujala
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ग्रैंड स्क्वायर कॉम्प्लेक्स के दुकानदारों ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों ने अवैध निर्माण की अनदेखी की और अब सीलिंग के नाम पर वसूली कर रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने लाखों रुपये खर्च किए और अब उनका माल सील कर दिया गया है।
- 01दुकानदारों ने लाखों रुपये खर्च किए और अब सीलिंग से उनका माल फंस गया है।
- 02व्यापारियों का आरोप है कि अधिकारियों ने अवैध निर्माण की अनदेखी की।
- 03दुकानदारों के पास सभी आवश्यक एनओसी और जीएसटी रजिस्ट्रेशन है।
- 04आवास विकास के अधिकारियों के खिलाफ व्यापारियों ने विरोध की चेतावनी दी है।
- 05मामले की जांच में भूमि स्वामित्व का उलझा मामला सामने आया है।
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ग्रैंड स्क्वायर कॉम्प्लेक्स में दुकानदारों ने अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने अवैध निर्माण को नजरअंदाज किया और अब सीलिंग के नाम पर वसूली कर रहे हैं। दुकानदारों ने लाखों रुपये खर्च कर दुकानें खरीदी हैं और किराए पर शोरूम चला रहे हैं। सीलिंग के कारण उनका माल दुकानों में बंद हो गया है। दुकानदारों का कहना है कि जब निर्माण हो रहा था, तब अधिकारी कहाँ थे? अगर यह अवैध था, तो इसे शुरू में क्यों नहीं रोका गया? मामले में, सेक्टर-12 स्थित भूखंड संख्या 427 और 428 को जोड़कर चार मंजिला कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया गया है जिसमें 115 दुकानें हैं। दुकानदारों ने दावा किया है कि उनके पास सभी आवश्यक एनओसी हैं और वे जीएसटी भी भर रहे हैं। इस कार्रवाई के बाद व्यापारियों में भारी रोष है और उन्होंने आवास विकास के अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलने की चेतावनी दी है।
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इस विवाद का सीधा असर दुकानदारों की आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है, क्योंकि उनका माल सील होने से वे व्यापार नहीं कर पा रहे हैं।
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