भारत-यूएई के बीच 6 समझौतों पर हस्ताक्षर, ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ा
भारत और UAE के बीच 6 ऐतिहासिक समझौते; अबू धाबी में PM मोदी की यात्रा के दौरान रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र पर बड़ा फैसला
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भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने अबू धाबी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान 6 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें ऊर्जा और रक्षा संबंधों को मजबूत करने के लिए 5 अरब डॉलर का निवेश शामिल है, जिससे दोनों देशों के बीच सामरिक सहयोग बढ़ेगा।
- 01यूएई की संस्थाएं भारत में 5 अरब डॉलर का निवेश करेंगी, जिसमें 3 अरब डॉलर का निवेश आरबीएल बैंक में शामिल है।
- 02भारत और यूएई के बीच एक समझौते के तहत एडीएनओसी भारत के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारों में 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल भंडारण कर सकेगा।
- 03यूएई ने 2027 तक फुजैरा बंदरगाह के लिए एक नई पाइपलाइन बनाने की योजना की घोषणा की है, जिससे कच्चे तेल के निर्यात की क्षमता दोगुनी होगी।
- 04प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई पर हमलों की निंदा की और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भारत की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
- 05समझौतों में तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) और तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) के भंडारण में सहयोग शामिल है।
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भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने अबू धाबी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान ऊर्जा और रक्षा संबंधों को मजबूत करने के लिए 6 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों में यूएई की संस्थाओं द्वारा भारत में 5 अरब डॉलर का निवेश करने की घोषणा शामिल है। इस निवेश में 3 अरब डॉलर का निवेश आरबीएल बैंक में और 1 अरब डॉलर का निवेश नैशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर ऐंड इन्वेस्टमेंट फंड ऑफ इंडिया के साथ प्राथमिकता वाले बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में शामिल है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत होर्मुज स्ट्रेट के माध्यम से सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि यूएई ने कच्चे तेल के निर्यात की क्षमता को दोगुना करने के लिए 2027 तक एक नई पाइपलाइन बनाने की योजना की घोषणा की है। समझौतों में भारत के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारों में कच्चा तेल भंडारण के लिए एडीएनओसी के साथ सहयोग भी शामिल है। इसके अलावा, एलपीजी और एलएनजी के भंडारण में सहयोग के लिए भी समझौते किए गए हैं।
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इन समझौतों से भारत में ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी और निवेश के माध्यम से बुनियादी ढांचे में सुधार होगा।
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