भारतीय सेना के लिए 'वायु अस्त्र-1' का सफल परीक्षण, 100 किमी दूर लक्ष्य भेदने में सफल
14 हजार फीट की ऊंचाई, 100 KM दूर निशाना... आ गया दुश्मन का काल; अंधेरे में 'वायु अस्त्र-1' का सफल परीक्षण

Image: Jagran
पुणे स्थित निबे लिमिटेड ने भारतीय सेना के लिए 'वायु अस्त्र-1' नामक लोइटरिंग म्यूनिशन का सफल परीक्षण किया है। यह प्रणाली 14,000 फीट की ऊंचाई से 100 किमी दूर स्थित लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है। इस परीक्षण ने इसकी उच्च सटीकता और पुनः हमले की क्षमता को साबित किया है।
- 01वायु अस्त्र-1 ने 100 किमी दूर लक्ष्य को भेदने में 1 मीटर से कम की संभावित सर्कल एरियाई प्रिसिजन (सीईपी) के साथ सफलता प्राप्त की।
- 02यह प्रणाली 14,000 फीट की ऊंचाई पर 90 मिनट से अधिक उड़ान भरने की क्षमता रखती है।
- 03परीक्षणों के दौरान, वायु अस्त्र-1 ने इन्फ्रारेड कैमरे का उपयोग करके लक्ष्यों को 2 मीटर के भीतर निशाना बनाया।
- 04यह प्रणाली 'नो-कॉस्ट, नो-कमिटमेंट' (NCNC) आधार पर परीक्षण की गई, जिसका अर्थ है कि सरकार ने परीक्षणों के लिए कोई भुगतान नहीं किया।
- 05निबे लिमिटेड ने पहले भी सूर्यास्त्र यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर का सफल परीक्षण किया था, जो भारतीय सेना के लिए महत्वपूर्ण है।
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पुणे स्थित निबे लिमिटेड ने भारतीय सेना की ताकत को बढ़ाने के लिए 'वायु अस्त्र-1' लोइटरिंग म्यूनिशन का सफल परीक्षण किया है। यह प्रणाली राजस्थान के पोखरण और उत्तराखंड के जोशीमठ (मलारी) में 18-19 और 26-27 अप्रैल को परीक्षण की गई। वायु अस्त्र-1 ने 100 किमी दूर स्थित लक्ष्यों को भेदने में सफलता प्राप्त की, जिसमें संभावित सर्कल एरियाई प्रिसिजन (सीईपी) 1 मीटर से कम था। यह प्रणाली 14,000 फीट की ऊंचाई से लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है और 90 मिनट से अधिक उड़ान भरने की क्षमता रखती है। परीक्षण के दौरान, इन्फ्रारेड कैमरे का उपयोग करके लक्ष्यों को 2 मीटर के भीतर सटीकता से निशाना बनाया गया। यह परीक्षण 'नो-कॉस्ट, नो-कमिटमेंट' (NCNC) आधार पर किया गया, जिससे सरकार ने परीक्षणों के लिए कोई भुगतान नहीं किया। निबे लिमिटेड ने पहले भी सूर्यास्त्र यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर का सफल परीक्षण किया था, जो भारतीय सेना के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
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इस सफल परीक्षण से भारतीय सेना की सामरिक क्षमताओं में वृद्धि होगी, जिससे दुश्मनों के खिलाफ सटीकता से हमले करने की क्षमता में सुधार होगा।
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