सोना-चांदी में मुनाफावसूली: निवेशकों के लिए क्या है सही कदम?
सोना-चांदी में मुनाफावसूली का समय? जानिए अब निवेशकों को क्या करना चाहिए
Business Standard
Image: Business Standard
पिछले एक साल में सोना और चांदी ने निवेशकों को उच्च रिटर्न दिया है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले एक साल तक सोने के गहने खरीदने से बचने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करनी चाहिए और संभवतः सोना-चांदी में मुनाफावसूली करनी चाहिए।
- 01सोना और चांदी ने पिछले एक साल में उच्च रिटर्न दिया है।
- 02प्रधानमंत्री मोदी ने सोने के गहने खरीदने से बचने की सलाह दी है।
- 03विशेषज्ञों के अनुसार, पोर्टफोलियो में सोने की हिस्सेदारी 10-15% और चांदी की 5% होनी चाहिए।
- 04पोर्टफोलियो को समय-समय पर संतुलित करना आवश्यक है।
- 05निवेशकों को मुनाफावसूली कर अन्य एसेट क्लास में निवेश करने पर विचार करना चाहिए।
Advertisement
In-Article Ad
पिछले एक वर्ष में सोना और चांदी ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है, जिससे इन कीमती धातुओं का पोर्टफोलियो में हिस्सा बढ़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से अगले एक साल तक सोने के गहने खरीदने से बचने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो का पुनरावलोकन करना चाहिए। पिछले एक साल में सोना और चांदी ने अन्य एसेट क्लास जैसे इक्विटी और डेट से बेहतर प्रदर्शन किया है। टाटा एसेट मैनेजमेंट के चंद्रप्रकाश पडियार ने बताया कि लार्जकैप फंड का प्रदर्शन कमजोर रहा है। वहीं, मिडकैप और स्मॉलकैप फंड ने बेहतर रिटर्न दिया है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेशकों को सोने और चांदी में 10-15% और 5% हिस्सेदारी रखनी चाहिए। इसके अलावा, मुनाफावसूली कर अन्य एसेट क्लास में निवेश करने पर विचार करना चाहिए।
Advertisement
In-Article Ad
निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में संतुलन बनाने और मुनाफावसूली करने की सलाह दी जा रही है, जिससे वे अन्य एसेट क्लास में निवेश कर सकें।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि सोना और चांदी में निवेश करना अभी सही है?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




