पंजाब सरकार ने ठेकेदारी व्यवस्था समाप्त कर 65,000 कर्मचारियों को रेगुलर किया
पंजाब कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला, खत्म होगी ठेकेदारी व्यवस्था; 65,000 से अधिक कर्मचारी होंगे रेगुलर

Image: Zee News
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में मंत्रिमंडल ने ठेकेदारी रोजगार प्रणाली को समाप्त करने और 65,000 से अधिक कर्मचारियों को नियमित करने का निर्णय लिया है। यह फैसला सरकारी विभागों में सीधा सरकार-कर्मचारी संबंध स्थापित करेगा और हजारों कामगारों को रोजगार सुरक्षा प्रदान करेगा।
- 01पंजाब मंत्रिमंडल ने ठेकेदारी व्यवस्था समाप्त करने का निर्णय लिया है।
- 0265,048 आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधे सरकारी ठेके पर लाया जाएगा।
- 03मुख्यमंत्री ने कहा कि ठेकेदारों की भूमिका समाप्त होगी और कर्मचारियों को सीधा रोजगार मिलेगा।
- 04विशेष अदालतों की स्थापना के लिए 7 अदालतों को मंजूरी दी गई है।
- 05बकाए डी.ए. और पेंशन के लिए मंत्री पैनल का पुनर्गठन किया जाएगा।
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में मंत्रिमंडल ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए ठेकेदारी रोजगार प्रणाली को समाप्त करने और 65,000 से अधिक कर्मचारियों को नियमित करने का रास्ता प्रशस्त किया है। इस निर्णय के तहत, आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधे सरकारी ठेके पर लाया जाएगा, जिससे निजी ठेकेदारों की भूमिका समाप्त होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे कर्मचारियों को रोजगार सुरक्षा, सम्मान और पक्की नौकरी का स्पष्ट रास्ता मिलेगा। इस पहल के तहत 51 विभागों में कुल 65,048 आउटसोर्स कामगार शामिल होंगे, जिनमें से 26,000 पहले लाभार्थी होंगे। इसके अलावा, भ्रष्टाचार के मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए 7 विशेष अदालतों की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है। यह कदम न केवल कर्मचारियों के लिए रोजगार की स्थिति को बेहतर बनाएगा, बल्कि सरकारी विभागों में पारदर्शिता और जवाबदेही को भी सुनिश्चित करेगा।
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इस निर्णय से 65,000 से अधिक कर्मचारियों को रोजगार सुरक्षा मिलेगी और ठेकेदारी प्रथा समाप्त होगी।
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