गंगा दशहरा 2026: महत्व, पूजा विधि और पापों से मुक्ति
Ganga Dussehra 2026: रवि योग में गंगा दशहरा आज, एक डुबकी से इन 10 पापों से मिलती मुक्ति, जानें महत्व, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
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गंगा दशहरा 2026 आज मनाया जा रहा है, जो ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को आता है। इस दिन गंगा स्नान करने से दस प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है। इस वर्ष विशेष रवि योग और अन्य शुभ योग बन रहे हैं, जिससे इसका महत्व और बढ़ गया है।
- 01गंगा दशहरा का पर्व हर वर्ष ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को मनाया जाता है, जब देवी गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था।
- 02इस दिन गंगा स्नान और पूजा करने से व्यक्ति को दस प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है।
- 03गंगा स्नान के लिए विशेष मंत्र 'ॐ नमो भगवती हिलि हिलि मिलि मिलि गंगे मां पावय पावय स्वाहा' का जाप करना चाहिए।
- 04इस वर्ष गंगा दशहरा पर ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और विजय मुहूर्त जैसे शुभ समय निर्धारित किए गए हैं।
- 05दान-पुण्य और गौ सेवा का विशेष महत्व है, जिससे पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
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गंगा दशहरा 2026 आज मनाया जा रहा है, जो हर वर्ष ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को आता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन देवी गंगा का स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। गंगा स्नान और पूजा करने से व्यक्ति को दस प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है। इस वर्ष गंगा दशहरा पर रवि योग, बुधादित्य योग, और रूचक राजयोग जैसे शुभ योग बन रहे हैं, जो इस दिन के महत्व को और बढ़ा रहे हैं। पूजा विधि में प्रातः स्नान के बाद मां गंगा को जल, फूल और दीप अर्पित करने का विधान है। गंगा स्नान के लिए मंत्र 'ॐ नमो भगवती हिलि हिलि मिलि मिलि गंगे मां पावय पावय स्वाहा' का जाप करना चाहिए। इस दिन दान-पुण्य और गौ सेवा का भी विशेष महत्व है, जिससे श्रद्धालु सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
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गंगा दशहरा पर गंगा स्नान और पूजा करने से लोगों को धार्मिक और आध्यात्मिक लाभ मिलता है।
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