ग्रेटर नोएडा में युवा इंजीनियर की मौत के बाद निर्माण स्थल पर सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
Noida: जिस ‘मौत के गड्ढे’ ने छीनी युवराज की जिंदगी, उसे भरने में लगे 120 दिन, न्याय की आस में देश लौट रहे पिता
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में निर्माणाधीन साइट पर खतरनाक बेसमेंट में गिरकर युवा इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के चार महीने बाद प्रशासन ने गड्ढे को भरने का काम शुरू किया है। परिवार न्याय की उम्मीद में कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रहा है।
- 01युवराज मेहता की मौत से सुरक्षा मानकों की अनदेखी उजागर हुई।
- 02बेसमेंट भरने का काम चार महीने बाद शुरू हुआ।
- 03परिवार ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की योजना बनाई है।
- 04स्थानीय लोगों ने प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं।
- 05निर्माण स्थलों पर सुरक्षा की सख्त निगरानी की आवश्यकता है।
Advertisement
In-Article Ad
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में एक निर्माणाधीन साइट पर बने खतरनाक बेसमेंट में गिरकर युवा इंजीनियर युवराज मेहता की जनवरी में मौत हो गई थी। चार महीने बाद, प्रशासन ने अब उस गड्ढे को भरने का काम शुरू किया है, जो सुरक्षा मानकों की अनदेखी का प्रतीक बन गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गड्ढे को लंबे समय तक बिना बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड के खुला छोड़ना गंभीर लापरवाही थी। युवराज के पिता, जो विदेश में थे, अब भारत लौट रहे हैं और उन्होंने इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि लापरवाही से हुई मौत का मामला है। इस घटना ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमी को उजागर किया है और लोगों ने प्रशासन से पहले से निगरानी और सुरक्षा मानकों को लागू करने की मांग की है।
Advertisement
In-Article Ad
इस घटना ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर किया है, जिससे स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।



-1778467496877.webp&w=1200&q=75)
