उत्तराखंड में 2035 तक बिजली की मांग में 869 करोड़ यूनिट की वृद्धि का अनुमान
उत्तराखंड: 2035 तक प्रदेश में 869 करोड़ यूनिट बढ़ेगी बिजली की मांग, उपलब्धता सुनिश्चित करने की योजना पर काम
Amar Ujala
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उत्तराखंड में अगले 10 वर्षों में बिजली की मांग 869 करोड़ यूनिट बढ़ने की उम्मीद है। इसे पूरा करने के लिए राज्य विद्युत नियामक आयोग एक लॉन्ग-टर्म नेशनल रिसोर्स एडिक्वेसी प्लान तैयार कर रहा है, जिसमें 2035 तक पीक बिजली मांग 4100 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है।
- 012035 तक बिजली की मांग में 869 करोड़ यूनिट की वृद्धि का अनुमान।
- 02पीक बिजली मांग 4100 मेगावाट तक पहुंचने की संभावना।
- 032026-27 में पीक बिजली मांग 2883 मेगावाट रहने का अनुमान।
- 04रात के समय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त संसाधनों की योजना बनानी होगी।
- 05सोलर घंटों में कोइन्सिडेंट पीक मांग 2651 मेगावाट और नॉन-सोलर घंटों में 2763 मेगावाट होगी।
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उत्तराखंड में अगले 10 वर्षों में बिजली की मांग 869 करोड़ यूनिट तक बढ़ने की संभावना है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य की पीक बिजली मांग 4100 मेगावाट तक पहुंच सकती है। वित्त वर्ष 2026-27 में, पीक बिजली मांग 2883 मेगावाट रहने का अनुमान है, जो 2030-31 तक 3332 मेगावाट और 2035-36 तक 4113 मेगावाट तक बढ़ने की उम्मीद है। राज्य की वार्षिक ऊर्जा आवश्यकता 2026-27 में 1,755.7 करोड़ यूनिट से बढ़कर 2035-36 तक 2,635.2 करोड़ यूनिट होने का अनुमान है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि रात के समय (नॉन-सोलर घंटों) में बिजली की मांग चुनौतीपूर्ण होगी, जिससे राज्य को पर्याप्त संसाधनों की योजना बनानी होगी। नियामक आयोग के सचिव नीरज सती ने बताया कि इस रिसोर्स एडिक्वेसी प्लान पर काम शुरू कर दिया गया है।
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बिजली की मांग में वृद्धि से राज्य में बिजली आपूर्ति की योजना को मजबूत करने की आवश्यकता होगी, जिससे आम जनता को स्थिर बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।
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