भारत और सिंगापुर के बीच रक्षा सहयोग पर महत्वपूर्ण बैठक
भारत और सिंगापुर में रक्षा सहयोग पर बड़ी बैठक, साइबर और डिजिटल युद्ध क्षमता पर खास जोर

Image: Jagran
भारत और सिंगापुर ने रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा की। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और सिंगापुर के स्थायी रक्षा सचिव जोसफ लियोंग ने मिलकर नई तकनीकों और साइबर युद्ध क्षमता पर जोर दिया।
- 01भारत और सिंगापुर के बीच 16वीं डिफेंस पालिसी डायलाग हुई, जिसमें सैन्य संबंधों को मजबूत करने पर सहमति बनी।
- 02बैठक में साइबर और डिजिटल युद्ध क्षमता पर विशेष ध्यान दिया गया।
- 03राजेश कुमार सिंह ने सिंगापुर के डिजिटल ऑपरेशंस टेक्नोलॉजी सेंटर (DOTC) का दौरा किया।
- 04दोनों देशों के बीच प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग बढ़ाने के उपायों पर चर्चा हुई।
- 05राजेश कुमार सिंह शांगरी-ला संवाद में भी भाग लेंगे, जिसमें 44 देशों के मंत्रीस्तरीय प्रतिनिधि शामिल होंगे।
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भारत और सिंगापुर के रक्षा सचिवों ने गुरुवार को नई दिल्ली में रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा की। इस बैठक में, जो 16वीं भारत-सिंगापुर डिफेंस पालिसी डायलाग थी, दोनों पक्षों ने सैन्य संबंधों को मजबूत करने और नई तकनीकों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और सिंगापुर के स्थायी रक्षा सचिव जोसफ लियोंग ने क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा पर विचार-विमर्श किया। बैठक में साइबर और डिजिटल युद्ध क्षमता पर विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा, राजेश कुमार सिंह ने सिंगापुर के डिजिटल ऑपरेशंस टेक्नोलॉजी सेंटर (DOTC) का दौरा किया, जहां उन्हें सिंगापुर की उन्नत तकनीकी क्षमताओं की जानकारी दी गई। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच साइबर और आधुनिक सैन्य तकनीकों में सहयोग को बढ़ाना है। इसके साथ ही, राजेश कुमार सिंह शांगरी-ला संवाद में भी भाग लेंगे, जिसमें 44 देशों के मंत्रीस्तरीय प्रतिनिधि शामिल होंगे।
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भारत और सिंगापुर के बीच रक्षा सहयोग से क्षेत्रीय सुरक्षा में सुधार की संभावनाएं हैं।
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