भागलपुर गंगा घाट पर दुल्हन की दौड़ और नाव का समय: प्रशासन की सख्ती का असर
अरे यार, अन्नू कहां हो? भागलपुर गंगा घाट पर फिल्मी सीन; दौड़ती दुल्हन, लौटती नाव और गूंजता गीत, ठहर, मुझे भी ले चलो
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भागलपुर, बिहार में एक दुल्हन गंगा घाट पर अपने दूल्हे के साथ नाव पकड़ने के लिए दौड़ रही थी। प्रशासन ने शाम 5 बजे के बाद नावों का परिचालन बंद करने का आदेश दिया, जिससे कई यात्री परेशान हुए। कुछ यात्रियों को प्रशासन की ओर से कोई सहायता नहीं मिली।
- 01दुल्हन ने नाव पकड़ने के लिए दौड़ लगाई जबकि दूल्हा उसे बुला रहा था।
- 02प्रशासन ने शाम 5 बजे के बाद नावों का परिचालन बंद करने का आदेश दिया।
- 03घाट पर कई यात्री अंतिम नाव पकड़ने के लिए अफरा-तफरी में थे।
- 04कुछ बुजुर्ग यात्री प्रशासन से मदद की गुहार लगाते रहे।
- 05नाव परिचालन बंद होने से यात्रियों के लिए कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई।
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भागलपुर, बिहार के गंगा घाट पर एक दुल्हन अपने दूल्हे के साथ अंतिम नाव पकड़ने के लिए दौड़ रही थी। दूल्हा उसे जल्दी आने के लिए आवाज दे रहा था क्योंकि प्रशासन ने शाम 5 बजे के बाद नावों का परिचालन बंद करने का आदेश दिया था। घाट पर मौजूद कई यात्री इस समय सीमा के कारण परेशान हुए। एक बुजुर्ग महिला, केला देवी, अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए गंगा पार करना चाहती थीं, लेकिन उन्हें प्रशासन की सख्ती के चलते नाव नहीं मिली। उन्होंने अधिकारियों से विनती की, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। इसी तरह, अन्य यात्री भी नावों के बंद होने से निराश दिखे। प्रशासन ने केवल यह घोषणा की कि मायागंज अस्पताल के सामने और तातारपुर में रुकने की व्यवस्था मुफ्त उपलब्ध है, लेकिन घाट पर फंसे यात्रियों के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई।
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इस घटना से यात्रियों को गंगा पार करने में कठिनाई का सामना करना पड़ा, जिससे शादी जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर उनकी उपस्थिति प्रभावित हुई।
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