जानें हनुमान जी के व्रत के नियम और महत्व
आज पांचवां बड़ा मंगल, जानिए मंगलवार के दिन हनुमान जी का व्रत रखने के नियम
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आज ज्येष्ठ मास का पांचवां बड़ा मंगल है, जो हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने का अवसर है। इस दिन व्रत रखने के लिए विशेष नियमों का पालन करना आवश्यक है, जैसे कि 21 मंगलवार तक उपवास, सुबह जल्दी स्नान, और विशेष भोग अर्पित करना।
- 01बड़ा मंगल हर साल ज्येष्ठ मास के प्रत्येक मंगलवार को मनाया जाता है।
- 02हनुमान जी का व्रत 21 मंगलवार तक रखने का विधान है, जो कि विशेष फलदायी माना जाता है।
- 03इस व्रत से निःसंतान दंपत्तियों को संतान प्राप्ति का आश्वासन मिलता है।
- 04व्रत के दिन नमक का सेवन वर्जित है और केवल एक बार भोजन किया जाता है।
- 05सूर्यास्त के बाद हनुमान जी को मीठा भोग लगाकर व्रत का पारण किया जाता है।
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आज ज्येष्ठ मास का पांचवां बड़ा मंगल है, जो हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर है। इस दिन व्रत रखने के लिए कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक है। व्रत का संकल्प 21 मंगलवार तक रखने का होता है और इसे किसी शुभ तिथि से शुरू करना चाहिए। मंगलवार का व्रत करने से व्यक्ति को सम्मान, शक्ति, साहस और संतान प्राप्ति के लाभ मिलते हैं। व्रत के दिन सुबह जल्दी स्नान कर लाल या पीले वस्त्र पहनना चाहिए। हनुमान जी की पूजा के लिए उनकी मूर्ति या तस्वीर को उत्तर-पूर्व दिशा में स्थापित किया जाता है। भोग में सिंदूर, चमेली का तेल, और मीठे लड्डू अर्पित किए जाते हैं। नमक का सेवन वर्जित है और दिन में केवल एक बार भोजन करना होता है। व्रत का पारण सूर्यास्त के बाद किया जाता है, जिसमें मीठा भोग अर्पित करने के बाद स्वयं भी मीठा भोजन करना चाहिए।
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हनुमान जी का व्रत रखने से श्रद्धालुओं को मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
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