पटना में गैस संकट से छात्रों की पढ़ाई पर संकट
नाश्ता बंद, लाइब्रेरी छूटी; कई गांव लौटने को मजबूर, पटना में गैस संकट से टूट रहे छात्रों के सपने
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पटना, बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को गैस संकट और बढ़ती कीमतों का सामना करना पड़ रहा है। कई छात्रों ने नाश्ता बंद कर दिया है और लाइब्रेरी जाने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं। गैस की कीमतों में वृद्धि ने उनकी पढ़ाई को प्रभावित किया है, जिससे कई छात्रों को गांव लौटने पर मजबूर होना पड़ सकता है।
- 01पटना में गैस संकट के कारण छात्रों की पढ़ाई पर असर पड़ा है।
- 02छात्रों ने नाश्ता और चाय कम कर दी है।
- 03मेस बंद होने से छात्रों को महंगे होटल में खाना खाने को मजबूर होना पड़ा है।
- 04छोटे सिलिंडर की कीमतें बढ़कर 1870 रुपये हो गई हैं।
- 05छात्रों ने सरकार से सस्ती गैस और मेस व्यवस्था की मांग की है।
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पटना, बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को गैस संकट और महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। मुसल्लहपुर हाट, भिखना पहाड़ी, और अन्य क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों का कहना है कि बढ़ती गैस कीमतों ने उनके दैनिक खर्चों को प्रभावित किया है। कई छात्रों ने नाश्ता और चाय कम कर दी है, जबकि लाइब्रेरी जाने में भी कठिनाई महसूस कर रहे हैं। गैस की कीमतें बढ़कर छोटे सिलिंडर के लिए 1870 रुपये तक पहुँच गई हैं, जिससे छात्रों को आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ रहा है। मेस बंद होने के कारण छात्रों को महंगे होटल में खाना खाने के लिए मजबूर होना पड़ा है, जहां पहले 40 रुपये में मिलने वाला भोजन अब 90 रुपये में मिल रहा है। छात्रों ने सरकार से सस्ती गैस और बेहतर मेस व्यवस्था की मांग की है, अन्यथा उन्हें पढ़ाई जारी रखने के लिए गांव लौटने पर मजबूर होना पड़ेगा।
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गैस और भोजन की बढ़ती कीमतों ने छात्रों के बजट को प्रभावित किया है, जिससे उनकी पढ़ाई पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
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