भारत की नई बियॉन्ड विजुअल रेंज मिसाइलें चीन और पाकिस्तान के लिए चुनौती बनेंगी
अग्नि और ब्रह्मोस को छोड़िए, ये हैं भारत के तीन धुरंधर, काटेंगे ऐसा गदर, चीन-पाकिस्तान के माथे से टपकेगा पसीना

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भारत ने अपनी बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) मिसाइल क्षमताओं को मजबूत करने के लिए तीन प्रमुख मिसाइलों का विकास किया है। इनमें रूसी R-37M, स्वदेशी अस्त्र MK-2 और गांडीव (अस्त्र MK-3) शामिल हैं, जो दुश्मनों के लिए गंभीर खतरा साबित होंगी।
- 01भारत की वायुसेना अब R-37M, अस्त्र MK-2 और गांडीव मिसाइलों से लैस होगी, जो चीन और पाकिस्तान के लिए चुनौती बनेंगी।
- 02R-37M की मारक क्षमता 240 किमी है, जबकि अस्त्र MK-2 की रेंज 160-240 किमी है।
- 03गांडीव मिसाइल 340 किमी तक के लक्ष्यों को निशाना बना सकती है, जिससे इसकी प्रभावशीलता बढ़ी है।
- 04इन मिसाइलों के साथ भारत एशिया की सबसे शक्तिशाली BVR मिसाइल क्षमताओं में से एक विकसित कर रहा है।
- 05DRDO द्वारा विकसित ये मिसाइलें आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा देंगी।
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भारत ने अपनी बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) मिसाइल क्षमताओं को मजबूत करने के लिए तीन प्रमुख मिसाइलों का विकास किया है। ये हैं रूसी R-37M, स्वदेशी अस्त्र MK-2 और गांडीव (अस्त्र MK-3)। इन मिसाइलों की मारक क्षमता चीन और पाकिस्तान जैसे देशों के लिए गंभीर चुनौती साबित हो सकती है। R-37M की रेंज 240 किमी है, जबकि अस्त्र MK-2 की रेंज सामान्य परिस्थितियों में 160 किमी और ऊँचाई से 200-240 किमी तक पहुँच सकती है। गांडीव मिसाइल 340 किमी तक के लक्ष्यों को निशाना बना सकती है। यह भारत की रणनीतिक सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा देगी। भारतीय वायुसेना के पास अब Su-30MKI, राफेल, MIG-29UPG और तेजस जैसे आधुनिक लड़ाकू विमान हैं, जिन्हें नई पीढ़ी की लंबी दूरी की एयर-टू-एयर मिसाइलों से लैस किया जाएगा।
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इन नई मिसाइलों के विकास से भारत की वायुसेना की क्षमताएँ बढ़ेंगी, जो राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करेंगी।
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