महिला आरक्षण बिल: कांग्रेस के राज में लालू, शरद और मुलायम का विरोध
'हम जहर खाकर संसद में यहीं मर जाएंगे' तब कांग्रेस के राज में लालू , शरद और मुलायम ने क्यों रोकी थी महिला आरक्षण की राह?
Zee News
Image: Zee News
महिला आरक्षण बिल, जिसे नारी शक्ति वंदन अधिनियम कहा जा रहा है, का विरोध 2010 में कांग्रेस के राज में लालू प्रसाद यादव, शरद यादव और मुलायम सिंह यादव ने किया था। उन्होंने इसे राजनीतिक डकैती और अल्पसंख्यक, पिछड़े वर्गों के खिलाफ षड्यंत्र बताया। अब यह बिल फिर से संसद में पेश किया जा रहा है।
- 01महिला आरक्षण बिल का विरोध 2010 में प्रमुख नेताओं द्वारा किया गया था।
- 02लालू प्रसाद यादव ने इसे राजनीतिक डकैती कहा था।
- 03शरद यादव ने जाति व्यवस्था के कारण महिलाओं की स्थिति पर चिंता जताई।
- 04मुलायम सिंह यादव ने इसे मुसलमानों और पिछड़ों के खिलाफ षड्यंत्र बताया।
- 05बिल के तहत लोकसभा में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित होंगी।
Advertisement
In-Article Ad
केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा पेश किया जा रहा महिला आरक्षण बिल, जिसे नारी शक्ति वंदन अधिनियम कहा जा रहा है, का विरोध 2010 में कांग्रेस के राज में प्रमुख नेताओं ने किया था। लालू प्रसाद यादव ने इसे राजनीतिक डकैती करार दिया, जबकि शरद यादव ने जाति व्यवस्था के कारण महिलाओं की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह बिल शूद्रों और अति शूद्रों की संख्या को घटाने के लिए लाया गया है। मुलायम सिंह यादव ने इसे मुसलमानों और पिछड़ों के खिलाफ षड्यंत्र बताया। अब इस बिल के तहत लोकसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित की जाएंगी, जिससे लोकसभा की सीटें 543 से बढ़कर 816 हो जाएंगी। यह व्यवस्था 2029 के लोकसभा चुनाव तक लागू की जाएगी।
Advertisement
In-Article Ad
महिला आरक्षण के लागू होने से संसद में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, जिससे उनके मुद्दों पर अधिक ध्यान दिया जा सकेगा।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि महिला आरक्षण बिल का पारित होना आवश्यक है?
Connecting to poll...
More about कांग्रेस
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।







