एनजीटी ने दिल्ली जल बोर्ड को दी फटकार, अतिरिक्त केबल हटाने की रिपोर्ट तलब
NGT की DJB को फटकार: मैनहोल में मिली अतिरिक्त केबल पर रिपोर्ट तलब, स्थल निरीक्षण में देरी पर जताई नाराजगी
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राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) को मैनहोल में पाई गई अतिरिक्त केबल के मामले में फटकार लगाते हुए विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। सुनवाई में स्थल निरीक्षण में देरी और अन्य शिकायतों पर नाराजगी जताई गई। अगली सुनवाई 23 जुलाई 2026 को होगी।
- 01एनजीटी ने डीजेबी को मैनहोल में पाई गई अतिरिक्त केबल के मामले में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
- 02सुनवाई के दौरान स्थल निरीक्षण में देरी पर नाराजगी व्यक्त की गई।
- 03डीजेबी ने माना कि मैनहोल में एक अतिरिक्त केबल पाई गई थी, लेकिन उसे हटाया नहीं गया।
- 04गली नंबर-6 में सीवर पाइपलाइन बदलने से जुड़ी शिकायत पर भी चर्चा हुई।
- 05अगली सुनवाई 23 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है।
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राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) को मैनहोल में मिली अतिरिक्त केबल के मामले में कड़ी फटकार लगाई है। एनजीटी ने डीजेबी को निर्देश दिया कि वह एक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करे, जिसमें यह बताया जाए कि मैनहोल में पाई गई अतिरिक्त केबल हटाई गई या नहीं। सुनवाई के दौरान आवेदकों ने आरोप लगाया कि ट्रिब्यूनल के आदेश के बावजूद स्थल निरीक्षण नहीं किया गया। डीजेबी ने स्वीकार किया कि एक अतिरिक्त केबल मैनहोल में पाई गई थी, लेकिन उसे हटाने में देरी हो रही है। इसके अलावा, गली नंबर-6 में सीवर पाइपलाइन बदलने से जुड़ी शिकायत पर भी चर्चा की गई, जिसमें डीजेबी के जवाब में विरोधाभास पाया गया। एनजीटी ने इस पर भी नाराजगी जताई। डीजेबी के अधिवक्ता ने जवाब दाखिल करने के लिए चार हफ्ते का समय मांगा, जिसे ट्रिब्यूनल ने स्वीकार कर लिया। अगली सुनवाई 23 जुलाई 2026 को होगी।
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इस निर्णय का प्रभाव दिल्ली के नागरिकों पर पड़ेगा, क्योंकि मैनहोल में पाई गई अतिरिक्त केबल से सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
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