मध्य प्रदेश में 10 लाख ऐतिहासिक धरोहरों का डिजिटल संरक्षण
तात्या टोपे की चिट्ठी से लेकर रामचरितमानस की उर्दू पांडुलिपि तक: MP में 10 लाख से ज्यादा ऐतिहासिक धरोहरों को डिजिटल रूप में सहेजा
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मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल 'ज्ञान भारतम मिशन' के तहत 10 लाख से अधिक ऐतिहासिक पांडुलिपियों और दस्तावेजों को डिजिटल रूप में संरक्षित किया गया है। इनमें रामचरितमानस की दुर्लभ पांडुलिपियां और 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं।
- 01मध्य प्रदेश में 10 लाख से अधिक पांडुलिपियों और दस्तावेजों को डिजिटल रूप में अपलोड किया गया है।
- 02रामचरितमानस की 500 पांडुलिपियां तुलसी शोध संस्थान में उपलब्ध हैं, जिनमें से 30 का अध्ययन पूरा हो चुका है।
- 031857 के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े दस्तावेज भी संग्रहित किए गए हैं, जिनमें तात्या टोपे का पत्र शामिल है।
- 04राज्य पुरातत्व विभाग ने आम लोगों से पांडुलिपियां सौंपने की अपील की है।
- 05मध्य प्रदेश तीसरे स्थान पर है, जहां सबसे अधिक पांडुलिपियां अपलोड की गई हैं।
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मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल 'ज्ञान भारतम मिशन' के तहत 10 लाख से अधिक ऐतिहासिक पांडुलिपियों, पत्रों, फोटो और दस्तावेजों को डिजिटल रूप में संरक्षित किया गया है। इसमें चित्रकूट में मिली रामचरितमानस की 500 पांडुलिपियां शामिल हैं, जिनमें से 30 का अध्ययन किया जा चुका है। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े दस्तावेज, जैसे तात्या टोपे का पत्र और रानी लक्ष्मीबाई का पत्र भी संग्रहित किए गए हैं। राज्य पुरातत्व संचालनालय की संयुक्त संचालक डॉ. मनीषा शर्मा ने बताया कि आम लोग भी अपने पास उपलब्ध पांडुलिपियों को इस मिशन में योगदान देने के लिए आगे आ रहे हैं। इस प्रक्रिया के माध्यम से, पांडुलिपियों को स्कैन कर मूल प्रति वापस दी जाएगी और डिजिटल पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा।
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यह पहल मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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