मेरठ में स्मार्ट मीटर के खिलाफ अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
मेरठ में स्मार्ट मीटर सात दिनों में न बदले जाने पर होगा अनिश्चितकालीन आंदाेलन, भाकियू आजाद का ऐलान
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भारतीय किसान यूनियन आजाद ने मेरठ में स्मार्ट मीटर के विरोध में धरना दिया। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर नहीं बदले गए, तो अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा। किसानों का कहना है कि स्मार्ट मीटर ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी नहीं हैं और इससे उनकी दैनिक गतिविधियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
- 01स्मार्ट मीटर के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन आजाद का धरना
- 02सात दिनों में मीटर नहीं बदले जाने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
- 03किसानों का कहना है कि स्मार्ट मीटर ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी नहीं हैं
- 04बिजली काटने से बच्चों की पढ़ाई और घरेलू कार्य प्रभावित होते हैं
- 05किसानों की मांगें: मीटर बदलने, समय देने और रोजगार की बहाली
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मेरठ में भारतीय किसान यूनियन आजाद ने स्मार्ट मीटर के विरोध में धरना दिया, जिसमें संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन कुमार बालियान ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने से पहले आवश्यक है कि व्यवस्था स्मार्ट हो। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या के कारण प्रीपेड मीटर कारगर नहीं हैं। किसानों को अचानक बिजली कटने से कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जैसे बच्चों की पढ़ाई और बुजुर्गों की देखभाल में बाधा। यदि सात दिनों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर नहीं बदले गए, तो संगठन अनिश्चितकालीन आंदोलन करने का ऐलान कर चुका है। किसानों की प्रमुख मांगों में मीटर बदलने, बिजली काटने से पहले 15 दिन का नोटिस देने और मीटर रीडरों के रोजगार को बहाल करने की मांग शामिल है।
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यदि किसान संगठन की मांगें नहीं मानी जाती हैं, तो इससे ग्रामीण क्षेत्र के किसानों की बिजली आपूर्ति और दैनिक जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
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