मुरादाबाद के निर्यातकों को डॉलर की मजबूती से हो रही कठिनाई
Moradabad News: डॉलर की मजबूती बन रही निर्यात सौदों की कमजोरी

Image: Amar Ujala
मुरादाबाद के निर्यातक डॉलर की मजबूती के कारण विदेशी ग्राहकों से ऑर्डर प्राप्त करने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं। डॉलर की बढ़ती कीमतों के चलते भारतीय उत्पाद महंगे हो गए हैं, जिससे विदेशी खरीदार 10-15% छूट की मांग कर रहे हैं। कच्चे माल की महंगाई के कारण निर्यातक छूट देने में असमर्थ हैं।
- 01डॉलर की कीमत फरवरी में 90.65 रुपये से बढ़कर मई में 94.85 रुपये प्रति डॉलर हो गई है।
- 02विदेशी खरीदारों ने 10-15% छूट की मांग की है, जिससे ऑर्डर फाइनल करने में कठिनाई हो रही है।
- 03कच्चे माल, पैकेजिंग और परिवहन के बढ़ते खर्चों के कारण निर्यातक छूट देने में असमर्थ हैं।
- 04ईपीसीएच के सदस्य नावेद उर रहमान ने डॉलर की मजबूती को निर्यात में अनिश्चितता का कारण बताया।
- 05निर्यातक विवेक अग्रवाल ने बताया कि महंगे कच्चे माल के कारण उत्पादों की कीमतें बढ़ गई हैं।
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मुरादाबाद के निर्यातक डॉलर की मजबूती के कारण निर्यात सौदों में कठिनाई का सामना कर रहे हैं। डॉलर की कीमत में वृद्धि ने भारतीय उत्पादों को विदेशी ग्राहकों के लिए महंगा बना दिया है, जिससे वे 10 से 15 प्रतिशत छूट की मांग कर रहे हैं। निर्यातकों के लिए कच्चे माल, पैकेजिंग और परिवहन के बढ़ते खर्चों के कारण इस छूट को देना संभव नहीं हो रहा है। ईपीसीएच के सदस्य नावेद उर रहमान ने बताया कि इस स्थिति के चलते कई विदेशी खरीदार बड़े ऑर्डर फाइनल करने से बच रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में डॉलर की कीमत में लगातार वृद्धि हुई है, जो फरवरी में 90.65 रुपये प्रति डॉलर से बढ़कर मई में 94.85 रुपये प्रति डॉलर हो गई। निर्यातक नरेंद्र चौधरी ने कहा कि पिछले एक महीने में 15 से 20 विदेशी खरीदारों ने महंगी कीमतों के कारण ऑर्डर नहीं दिए हैं।
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डॉलर की मजबूती से निर्यातकों को ऑर्डर प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है।
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