कच्चे तेल की कीमत $120 होने पर भारत की जीडीपी ग्रोथ में गिरावट का खतरा
कच्चा तेल $120 हुआ तो भारत की GDP ग्रोथ 6% तक गिरने का खतरा, महंगाई भी बढ़ सकती है
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ईवाई इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यदि कच्चे तेल की कीमतें वित्त वर्ष 2027 में $120 प्रति बैरल तक पहुँचती हैं, तो भारत की जीडीपी वृद्धि दर लगभग 6% तक गिर सकती है, जबकि महंगाई दर भी 6% के आसपास पहुँच सकती है। नीति निर्माताओं को इस स्थिति से निपटने के लिए कदम उठाने की आवश्यकता है।
- 01कच्चे तेल की कीमत $120 प्रति बैरल होने पर जीडीपी ग्रोथ 6% तक गिर सकती है।
- 02महंगाई दर 6% के आसपास पहुँच सकती है, जिससे आम लोगों पर दबाव बढ़ेगा।
- 03नीति निर्माताओं के पास सीमित विकल्प हैं, लेकिन कदम उठाना जरूरी है।
- 04भारत को कच्चे तेल के आयात के स्रोतों में विविधता लाने की आवश्यकता है।
- 05वैश्विक भू-राजनीतिक हालात पर कच्चे तेल की कीमतें निर्भर करेंगी।
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ईवाई इंडिया की हालिया रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि वित्त वर्ष 2027 में भारतीय क्रूड बास्केट की औसत कीमत $120 प्रति बैरल तक पहुँच जाती है, तो भारत की जीडीपी वृद्धि दर लगभग 6% तक गिर सकती है। इसके साथ ही महंगाई दर भी 6% के आसपास पहुँचने की संभावना है। इस स्थिति से आम लोगों की जेब पर दबाव बढ़ सकता है। ईवाई इंडिया के मुख्य नीति सलाहकार डीके श्रीवास्तव ने कहा कि मौजूदा हालात में नीति निर्माताओं के पास सीमित विकल्प हैं, लेकिन उन्हें अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले नकारात्मक असर को कम करने के लिए कदम उठाने होंगे। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन के अनुसार, 2026 की पहली तिमाही में ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग $81 प्रति बैरल रह सकती है, लेकिन दूसरी तिमाही में यह $115 प्रति बैरल तक पहुँच सकती है। यदि पश्चिम एशिया में तनाव जारी रहता है, तो कच्चे तेल की आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है और कीमतें और ऊपर जा सकती हैं।
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अगर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो आम लोगों की जेब पर महंगाई का दबाव बढ़ेगा, जिससे रोजमर्रा की खरीदारी महंगी हो जाएगी।
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