ईरान का रूस से Su-30SM2 लड़ाकू विमानों का अधिग्रहण, अमेरिका-इजरायल के लिए बढ़ी चुनौती
Su-30SM2: अमेरिका-इजरायल को हवा में टक्कर देगा ईरान, रूस से मंगा रहा सेकंड हैंड लड़ाकू विमानों का बेड़ा, जानें ताकत
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ईरान ने रूस से 12 सेकंड-हैंड Su-30SM2 लड़ाकू विमानों की खरीद का समझौता किया है, जो 2027 के अंत तक डिलीवर किए जाएंगे। यह कदम ईरान की वायु शक्ति को बढ़ाने और अमेरिका तथा इजरायल के खिलाफ उसकी स्थिति को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है।
- 01ईरान ने रूस से 12 सेकंड-हैंड Su-30SM2 लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए समझौता किया है।
- 02ये विमानों की डिलीवरी 2027 के मध्य में शुरू होने की उम्मीद है।
- 03ईरान की वायु सेना वर्तमान में 50 साल पुराने विमानों का संचालन कर रही है।
- 04Su-30SM2 की कीमत Su-35 की तुलना में 40 प्रतिशत कम है और इसका रखरखाव आसान है।
- 05ईरान ने अपनी वायु शक्ति को आधुनिक बनाने के लिए यह कदम उठाया है।
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तेहरान में ईरान ने रूस से 12 सेकंड-हैंड Su-30SM2 लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए समझौता किया है, जिससे उसकी वायु शक्ति में सुधार होगा। यह समझौता ईरान के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि वह अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे तनाव के बीच अपनी स्थिति को मजबूत करना चाहता है। ये विमान 2027 के मध्य में ईरान को डिलीवर किए जाएंगे। ईरान की वायु सेना वर्तमान में 1970 के दशक के पुराने विमानों का संचालन कर रही है, और Su-30SM2 जैसे आधुनिक विमानों के जरिए वह अपनी ताकत को बढ़ाना चाहती है। Su-30SM2 की कीमत Su-35 की तुलना में 40 प्रतिशत कम है और इसका रखरखाव भी सरल है। यह कदम ईरान की सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने और क्षेत्र में शक्ति संतुलन को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
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ईरान के पास नए लड़ाकू विमानों का बेड़ा आने से उसकी वायु शक्ति में वृद्धि होगी, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर पड़ेगा।
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