रांची जेल में महिला कैदी की गर्भावस्था के आरोपों की जांच में कोई साक्ष्य नहीं मिला
रांची जेल में महिला कैदी के प्रेगनेंट होने के आरोपों में जांच टीम को नहीं मिला कोई साक्ष्य, सस्पेंस बरकरार

Image: Jagran
रांची जेल में एक महिला बंदी के गर्भवती होने के आरोपों की जांच के दौरान जिला प्रशासन की टीम को कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला। जांच टीम ने महिला बंदी और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो सका कि महिला पहले से गर्भवती थी या वर्तमान में गर्भवती है।
- 01जांच टीम का नेतृत्व एडीएम राजेश्वर नाथ आलोक कर रहे हैं।
- 02जेल प्रशासन ने आरोपों को निराधार बताया है।
- 03जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) ने भी अपनी अलग रिपोर्ट प्रस्तुत की है।
- 04महिला बंदी की दोबारा मेडिकल जांच की संभावना जताई जा रही है।
- 05उपायुक्त के निर्देश के बाद ही आगे की जांच प्रक्रिया शुरू होगी।
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रांची, झारखंड में एक महिला बंदी के गर्भवती होने के आरोपों की जांच के लिए जिला प्रशासन की टीम ने जेल का दौरा किया। जांच टीम ने महिला बंदी और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की, लेकिन अब तक कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला। एडीएम राजेश्वर नाथ आलोक की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम ने मंगलवार और बुधवार को विस्तृत जांच की। जेल प्रशासन ने आरोपों को निराधार बताया है और किसी भी प्रकार की जांच के लिए तैयार हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) ने भी अपनी रिपोर्ट उपायुक्त को सौंप दी है। प्रशासन अब दोनों रिपोर्टों का अध्ययन करेगा और आगे की कार्रवाई तय करेगा। सूत्रों के अनुसार, महिला बंदी की दोबारा मेडिकल जांच की संभावना है, लेकिन इस पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। उपायुक्त की निगरानी में पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
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इस मामले की जांच से जेल में बंदियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
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