दरभंगा में साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क, 256 सिम का इस्तेमाल
दरभंगा से कंबोडिया तक फैला साइबर ठगी का जाल, 256 सिम का इस्तेमाल
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दरभंगा, बिहार में एक साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें 256 मोबाइल सिम का उपयोग किया गया। जांच में पता चला कि ये सिम गरीब लोगों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी तरीके से एक्टिवेट किए गए थे। पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन मुख्य आरोपी अभी भी फरार हैं।
- 01256 मोबाइल सिम का उपयोग अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध में किया गया है।
- 02पुलिस ने चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी फरार हैं।
- 03गिरोह गरीब लोगों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर सिम एक्टिवेट करता था।
- 04ग्राहकों को झांसा देकर उनके नाम पर फर्जी सिम जारी किए गए।
- 05पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की उम्मीद है।
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दरभंगा, बिहार में एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें 256 मोबाइल सिम का उपयोग किया गया। आर्थिक अपराध इकाई और साइबर पुलिस की संयुक्त जांच में पता चला कि ये सिम गरीब लोगों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी तरीके से एक्टिवेट किए गए थे। रिटेलर दुकानदार रौशन कुमार झा को गिरफ्तार किया गया, जिसके नाम पर 178 सिम फर्जी तरीके से जारी किए गए थे। इसके अलावा, विवेक महतो और अभिषेक कुमार ठाकुर जैसे अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि गिरोह ने ग्राहकों को झांसा देकर उनके आधार कार्ड और बायोमीट्रिक का दुरुपयोग किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की उम्मीद जताई है। इस मामले ने स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ा दी है, खासकर उन ग्राहकों के लिए जिनके नाम पर फर्जी सिम जारी किए गए थे।
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इस साइबर ठगी के मामले ने दरभंगा के लोगों में चिंता बढ़ा दी है, खासकर उन ग्राहकों के लिए जिनके नाम पर फर्जी सिम जारी किए गए हैं।
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