स्पेसएक्स ने सफलतापूर्वक किया स्टारशिप V3 का परीक्षण उड़ान
हिंद महासागर में लैंड करते ही फटा दुनिया का सबसे बड़ा रॉकेट

Image: Aaj Tak
स्पेसएक्स ने अपने सबसे बड़े और शक्तिशाली रॉकेट, स्टारशिप V3, का सफल परीक्षण उड़ान किया। यह उड़ान लगभग एक घंटे तक चली और हिंद महासागर में समाप्त हुई, जहां रॉकेट जानबूझकर फट गया। कंपनी ने इस परीक्षण को सफल माना है, क्योंकि अधिकांश मिशन लक्ष्य पूरे हुए।
- 01स्टारशिप V3 का परीक्षण उड़ान शुक्रवार को हुआ, जो एक दिन की देरी से आयोजित किया गया।
- 02रॉकेट के दोनों चरणों में इंजन फेलियर की समस्या आई, लेकिन अधिकांश लक्ष्य पूरे हुए।
- 03स्टारशिप V3 को मंगल ग्रह पर इंसानों को भेजने और नासा के आर्टेमिस कार्यक्रम के लिए उपयोग किया जाएगा।
- 04यह रॉकेट पूरी तरह से रीयूजेबल है, जिससे स्पेस ट्रैवल की लागत कम होगी।
- 05एलन मस्क का लक्ष्य है कि स्टारशिप के जरिए इंसान मंगल पर बस्ती बसाएं।
Advertisement
In-Article Ad
स्पेसएक्स, एलन मस्क की कंपनी, ने अपने सबसे बड़े और शक्तिशाली रॉकेट, स्टारशिप V3, का सफल परीक्षण उड़ान किया। यह उड़ान शुक्रवार को हुई, जिसमें रॉकेट ने लगभग एक घंटे की उड़ान भरी। उड़ान का अंत हिंद महासागर में हुआ, जहां जानबूझकर रॉकेट को फटने दिया गया। स्पेसएक्स ने पहले से इस प्रक्रिया की योजना बनाई थी। परीक्षण में रॉकेट के दोनों चरणों में इंजन फेलियर की समस्या आई, लेकिन कंपनी ने इसे सफल माना क्योंकि अधिकांश मिशन लक्ष्य पूरे हुए। स्टारशिप V3 का उपयोग भविष्य में मंगल ग्रह पर इंसानों को भेजने, उपग्रहों को लॉन्च करने और नासा के आर्टेमिस कार्यक्रम के लिए किया जाएगा। यह रॉकेट पूरी तरह से रीयूजेबल है, जिससे स्पेस ट्रैवल को सस्ता और आसान बनाने में मदद मिलेगी। एलन मस्क का सपना है कि इस रॉकेट के माध्यम से इंसान मंगल ग्रह पर बस्ती बसाएं, और इस परीक्षण के सफल होने से इस दिशा में एक और मजबूत कदम बढ़ा है।
Advertisement
In-Article Ad
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि स्पेसएक्स का स्टारशिप प्रोजेक्ट सफल होगा?
Connecting to poll...
More about स्पेसएक्स
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




