अल नीनो और भीषण लू: भारत में 30,000 मौतों का खतरा
मौसम का रौद्र रूप: अल नीनो और भीषण लू की दोहरी मार, 30 हजार से ज्यादा मौतों की गंभीर चेतावनी
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भारत में जलवायु परिवर्तन के चलते भीषण गर्मी और अल नीनो के प्रभाव से 30,000 से अधिक मौतों की चेतावनी दी गई है। शोध में उत्तर प्रदेश को सबसे अधिक प्रभावित राज्य बताया गया है, जहां लगातार हीटवेव के कारण हजारों लोगों की जान जा सकती है।
- 01अध्ययन के अनुसार, एक दिन की भीषण गर्मी से 3,400 अतिरिक्त मौतें हो सकती हैं।
- 02उत्तर प्रदेश में पांच दिनों की हीटवेव से लगभग 8,100 मौतें होने का अनुमान है।
- 03अल नीनो के कारण इस साल भारत में 11 वर्षों की सबसे कमजोर मानसूनी बारिश का अनुमान है।
- 04शहरीकरण के चलते 'अर्बन हीट आइलैंड' प्रभाव से शहरों में रात का तापमान भी बढ़ रहा है।
- 05भारतीय अर्थव्यवस्था का आधा हिस्सा कृषि पर निर्भर है, जिससे कम बारिश से विकास दर प्रभावित हो सकती है।
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जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान के बीच, अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले के शोधकर्ताओं ने भारत में भीषण गर्मी के कारण 30,000 से अधिक मौतों की चेतावनी दी है। अध्ययन के अनुसार, एक दिन की अत्यधिक गर्मी से लगभग 3,400 लोग असमय मर सकते हैं, जबकि लगातार पांच दिनों की हीटवेव से यह आंकड़ा 30,000 तक पहुंच सकता है। उत्तर प्रदेश को सबसे संवेदनशील राज्य बताया गया है, जहां 8,100 अतिरिक्त मौतें हो सकती हैं। इसके अलावा, अल नीनो के प्रभाव से इस वर्ष भारत में 11 वर्षों की सबसे कमजोर मानसूनी बारिश का अनुमान है, जो कृषि पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अनियंत्रित शहरीकरण के कारण शहरों में 'अर्बन हीट आइलैंड' प्रभाव बढ़ रहा है, जिससे रात का तापमान भी अधिक रहता है। इससे नागरिकों का स्वास्थ्य बिगड़ने का खतरा बढ़ गया है।
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भारत में भीषण गर्मी और अल नीनो के कारण कृषि उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आय में कमी आएगी।
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