वित्त मंत्री ने SEBI को दिया पोर्टेबल KYC का निर्देश, निवेश में लाएंगे डिजिटल बदलाव
'पोर्टेबल KYC से बदलेगा निवेश का अंदाज', वित्त मंत्री ने SEBI को दिया डिजिटल क्रांति का नया मंत्र
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने SEBI के स्थापना दिवस पर पोर्टेबल KYC की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे निवेश प्रक्रिया को सरल और सुरक्षित बनाया जा सके। उन्होंने साइबर सुरक्षा और कॉर्पोरेट बॉंड मार्केट पर ध्यान देने की बात कही, साथ ही निवेशकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
- 01पोर्टेबल KYC से निवेश प्रक्रिया में आसानी होगी।
- 02साइबर सुरक्षा को वित्तीय बाजार की प्रमुख चिंता बताया गया।
- 03SEBI को खुदरा निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
- 04निवेशकों की सुरक्षा के लिए सख्त कार्रवाई की आवश्यकता।
- 05भारत को वैश्विक स्तर पर वित्तीय संवाद में सक्रिय रहना चाहिए।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के 38वें स्थापना दिवस पर पोर्टेबल KYC की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक बार KYC प्रक्रिया पूरी करने के बाद नागरिकों को बार-बार इसे नहीं दोहराना पड़ेगा। इसके लिए वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद (FSDC) के साथ तालमेल की आवश्यकता है। उन्होंने साइबर सुरक्षा को पूंजी बाजार की सबसे बड़ी चिंता बताया और SEBI के 2025 के साइबर रेजिलिएंस फ्रेमवर्क की सराहना की। सीतारमण ने कॉर्पोरेट बॉंड मार्केट को गहरा करने के लिए संरचनात्मक सुधारों की वकालत की और खुदरा निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता बताई। निवेशकों की सुरक्षा पर ध्यान देते हुए उन्होंने अनियंत्रित सलाह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता का भी उल्लेख किया। इसके साथ ही, उन्होंने वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति को मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय संवाद में सक्रिय रहने की बात कही।
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पोर्टेबल KYC से निवेश प्रक्रिया में आसानी होगी, जिससे निवेशकों का समय बचेगा और उन्हें बार-बार वेरिफिकेशन की प्रक्रिया से गुजरना नहीं पड़ेगा।
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