दिल्ली में डॉक्टरों पर बढ़ते हमलों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी
2021 से 2025 के बीच दिल्ली में डॉक्टरों पर 149 हमले, सुरक्षा को लेकर संगठनों में बढ़ी चिंता
Jagran
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दिल्ली में 2021 से 2025 के बीच डॉक्टरों पर 149 हमले हुए हैं, जिसमें अकेले 2025 में 48 मामले दर्ज किए गए। चिकित्सक संगठनों ने सरकार से अस्पतालों में सुरक्षा बढ़ाने और सख्त कानून लागू करने की मांग की है। यह स्थिति स्वास्थ्य तंत्र के लिए गंभीर संकट बनती जा रही है।
- 01दिल्ली विधानसभा में पेश आंकड़ों के अनुसार, 2025 में डॉक्टरों पर हमलों की संख्या में वृद्धि हुई है।
- 02महाराष्ट्र में रेजीडेंट डॉक्टरों के साथ हालिया हिंसा की घटना ने पूरे देश के डॉक्टर समुदाय को झकझोर दिया।
- 03चिकित्सक संगठनों ने अस्पतालों में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।
- 04अलग-अलग राज्यों में डॉक्टरों पर हमले की घटनाएं बढ़ रही हैं, जैसे कि अलीगढ़ और वडोदरा में।
- 05डॉक्टरों के संगठनों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि सुरक्षा नहीं बढ़ाई गई, तो वे आंदोलन करेंगे।
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दिल्ली में डॉक्टरों पर हमलों की बढ़ती घटनाएं चिकित्सा समुदाय में चिंता का कारण बन रही हैं। 2021 से 2025 के बीच, दिल्ली के अस्पतालों में 149 हमले दर्ज किए गए हैं, जिसमें 2025 में 48 मामले अकेले सामने आए। चिकित्सक संगठनों का आरोप है कि इन हमलों के आरोपितों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, जिससे हमलावरों का हौसला बढ़ता है। हाल ही में, मुंबई के केबी भाभा अस्पताल में एक प्रसूता की मौत के बाद रेजीडेंट डॉक्टरों पर हमला हुआ, जिसने पूरे देश के डॉक्टरों को झकझोर दिया। इस स्थिति को लेकर चिकित्सक संगठन जैसे फाइमा, फोर्डा और आइएमए ने सरकार से अस्पतालों में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कानून लागू करने की मांग की है। विभिन्न राज्यों में डॉक्टरों पर हमलों की घटनाएं बढ़ रही हैं, जैसे अलीगढ़ और वडोदरा में। यदि सरकार ने सुरक्षा के उपाय नहीं किए, तो डॉक्टर संगठनों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
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डॉक्टरों पर हमलों का बढ़ता सिलसिला स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है।
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