प्रतीक यादव के अंतिम संस्कार में बेटियों की भूमिका पर चर्चा
Prateek Yadav Antim Sanskar: प्रतीक यादव को कौन देगा मुखाग्नि? बेटा नहीं, 2 बेटियां हैं, जानें गरुड़ पुराण के अनुसार क्या कहते हैं नियम
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भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव के निधन के बाद, उनके अंतिम संस्कार में मुखाग्नि देने की परंपरा को लेकर चर्चा हो रही है। गरुड़ पुराण के अनुसार, यदि परिवार में बेटा नहीं है, तो बेटियां भी यह जिम्मेदारी निभा सकती हैं। यह बदलाव भारतीय समाज में बेटियों की भूमिका को दर्शाता है।
- 01प्रतीक यादव का निधन भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति के रूप में हुआ।
- 02गरुड़ पुराण के अनुसार, मुखाग्नि देने का प्राथमिक अधिकार पुत्र का होता है।
- 03बेटा न होने पर बेटियां भी मुखाग्नि देने का अधिकार रखती हैं।
- 04समाज में बेटियों की भूमिका में बदलाव आ रहा है।
- 05प्रतीक यादव समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेटे थे।
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प्रतीक यादव, जो भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति थे, के निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार में मुखाग्नि देने की परंपरा को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। भारतीय समाज में यह माना जाता है कि मुखाग्नि देने का अधिकार केवल पुत्र को होता है, लेकिन गरुड़ पुराण के अनुसार, यदि पुत्र न हो, तो यह जिम्मेदारी बेटियों, पौत्रों, भाई, भतीजे या पत्नी को दी जा सकती है। हाल के वर्षों में समाज में बेटियों की भूमिका में बदलाव आया है, और अब कई बेटियां अपने पिता के अंतिम संस्कार की रस्में निभा रही हैं। प्रतीक यादव समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेटे थे और उनका कोई बेटा नहीं था। इस कारण अंतिम संस्कार की परंपरा को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
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यह बदलाव भारतीय समाज में बेटियों की भूमिका को मजबूत करता है और पारिवारिक परंपराओं में नई सोच को दर्शाता है।
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