पाकिस्तान में किसान आंदोलन: 100 से अधिक शहरों में लाखों किसानों का विरोध
किसान आंदोलन: पाकिस्तान में क्यों फूटा अन्नदाताओं का गुस्सा, 100 से ज्यादा शहरों में विरोध प्रदर्शन
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
पाकिस्तान में किसान आंदोलन ने 100 से अधिक शहरों में लाखों किसानों को सड़कों पर उतार दिया है। किसानों ने सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया और न्यूनतम समर्थन मूल्य 4,000 पाकिस्तानी रुपये प्रति मन की मांग की। यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
- 01किसानों ने 4,000 पाकिस्तानी रुपये प्रति मन न्यूनतम समर्थन मूल्य की मांग की।
- 02कॉर्पोरेट खेती के मॉडल की आलोचना करते हुए इसे बंद करने की मांग की।
- 03पंजाब, सिंध, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए।
- 04किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और तेज होगा।
- 05PKRC की महासचिव ने सरकार की नीतियों को 'बेहद नुकसानदायक' बताया।
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पाकिस्तान में किसान आंदोलन ने शुक्रवार को 100 से अधिक शहरों में लाखों किसानों को एकजुट किया। यह प्रदर्शन पाकिस्तान किसान राब्ता कमेटी (PKRC) द्वारा अंतरराष्ट्रीय किसान संघर्ष दिवस के अवसर पर आयोजित किया गया। किसानों ने सरकार की किसान विरोधी नीतियों का विरोध करते हुए 4,000 पाकिस्तानी रुपये प्रति मन न्यूनतम समर्थन मूल्य की मांग की। उन्होंने कॉर्पोरेट खेती के तरीकों को खारिज कर दिया और बटाईदार किसानों को बेदखली के नोटिस वापस लेने की मांग की। पंजाब में इस आंदोलन का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला, जहां लाहौर, मुल्तान, और बहावलपुर जैसे शहरों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। इसके अलावा, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में भी विरोध प्रदर्शन हुए। PKRC की महासचिव रिफ्फत मकसूद ने सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में किसानों को बहुत नुकसान हुआ है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे, जिसमें इस्लामाबाद का घेराव भी शामिल हो सकता है।
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किसान आंदोलन से कृषि क्षेत्र में सुधार की मांग उठ रही है, जो छोटे किसानों की आजीविका को प्रभावित कर सकता है।
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