‘बिहान’ योजना से ग्रामीण महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण
‘बिहान’ योजना से बदल रही ग्रामीण महिलाओं की तस्वीर, बिलासो बाई बनीं ‘लखपति दीदी’
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छत्तीसगढ़ की ‘बिहान’ योजना ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। उदयपुर विकासखंड की बिलासो बाई ने इस योजना के माध्यम से स्वरोजगार अपनाकर ‘लखपति दीदी’ का खिताब हासिल किया है, जिससे वह आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं।
- 01‘बिहान’ योजना ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है।
- 02बिलासो बाई ने किराना व्यवसाय से ‘लखपति दीदी’ का खिताब प्राप्त किया।
- 03महिलाएं अब आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं।
- 04स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय सहायता और कौशल प्रशिक्षण मिल रहा है।
- 05यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
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छत्तीसगढ़ शासन की ‘बिहान’ योजना ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में एक नया मोड़ लाया है। इस योजना के तहत, महिलाएं स्व-सहायता समूहों के माध्यम से स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। उदयपुर विकासखंड की बिलासो बाई, जो पहले आर्थिक तंगी से जूझ रही थीं, अब एक सफल उद्यमी बन चुकी हैं और प्रतिवर्ष 1.5 से 2 लाख रुपये की शुद्ध बचत कर रही हैं। उन्होंने 2016 में इस योजना के तहत स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपने किराना व्यवसाय की शुरुआत की। धीरे-धीरे उन्होंने अपने कार्य का विस्तार किया और लगभग 1 लाख रुपये का ऋण लेकर अपने व्यवसाय को मजबूत किया। बिलासो बाई का कहना है कि ‘बिहान’ योजना ने उन्हें आत्मविश्वास दिया है और अब महिलाएं आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं। इस योजना के तहत महिलाओं को वित्तीय सहायता और कौशल प्रशिक्षण मिल रहा है, जिससे बड़ी संख्या में महिलाएं ‘लखपति दीदी’ के रूप में उभर रही हैं।
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‘बिहान’ योजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, जिससे वे अपने परिवारों का भरण-पोषण कर सकें और समाज में अपनी पहचान बना सकें।
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