ओडिशा में महिला हवलदार की भूख हड़ताल से पुलिस विभाग में उठे सवाल
ओडिशा में न्याय के लिए 'वर्दी' ने शुरू की भूख हड़ताल, महिला हवलदार के आरोपों के बाद इंस्पेक्टर का तबादला
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अनुगुल, ओडिशा में महिला हवलदार सुमित्रा बिस्वाल ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने भूख हड़ताल शुरू की है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ दो अधिकारियों द्वारा मानसिक प्रताड़ना की गई है। इस मामले में पुलिस विभाग की कार्रवाई में देरी ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- 01महिला हवलदार ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया।
- 02भूख हड़ताल के बाद आईजीपी ने हस्तक्षेप किया और एक अधिकारी का तबादला किया।
- 03एक महीने तक कार्रवाई न होने से विभागीय उदासीनता पर सवाल उठे हैं।
- 04क्या केवल तबादला ही समस्या का समाधान है, यह एक बड़ा सवाल है।
- 05इस मामले ने पुलिस विभाग के भीतर जवाबदेही और शिकायत निवारण तंत्र की परीक्षा ली है।
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अनुगुल जिले, ओडिशा में महिला हवलदार सुमित्रा बिस्वाल ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने भूख हड़ताल शुरू की, जिससे पुलिस महकमे की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। उन्होंने रिजर्व इंस्पेक्टर गोबिंद महारी और फोर्स सेक्शन ऑफिसर शुभकांत साहू के खिलाफ मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया। पिछले महीने शिकायत करने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई न होने से नाराज बिस्वाल ने यह कदम उठाया। उनके भूख हड़ताल के बाद उत्तर-मध्य रेंज के आईजीपी सत्यब्रत भोई ने हस्तक्षेप किया और रिजर्व इंस्पेक्टर का तबादला अनुगुल से कालाहांडी कर दिया। हालांकि, अंतिम कार्रवाई जांच के बाद ही होगी। इस मामले ने पुलिस विभाग के भीतर जवाबदेही और संवेदनशीलता की जरूरत को उजागर किया है। अब देखना यह है कि क्या जांच के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी या मामला केवल तबादले तक सीमित रह जाएगा।
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इस घटना से पुलिस विभाग के भीतर महिला पुलिसकर्मियों की शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं।
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