गंगा दशहरा 2026: श्रद्धालु आज करेंगे आस्था की डुबकी और पितरों की तृप्ति के उपाय
Ganga Dussehra 2026: रवियोग में श्रद्धालु आज लगाएंगे आस्था की डुबकी, पितरों की तृप्ति के लिए करें ये उपाय
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गंगा दशहरा 2026, 6 जून को उत्तर फाल्गुनी एवं हस्त नक्षत्र के संयोग में मनाया जाएगा। श्रद्धालु गंगा में स्नान, आरती और दान-पुण्य करेंगे। इस दिन विशेष रूप से सत्तू, पंखा, गुड़ आदि दान करना शुभ माना जाता है।
- 01गंगा दशहरा 2026 का पर्व 6 जून को मनाया जाएगा।
- 02इस दिन गंगा में स्नान करने और दान करने का विशेष महत्व है।
- 03श्रद्धालु दीघा घाट, पीपापुल घाट, और गांधी घाट पर स्नान करेंगे।
- 04दान में सत्तू, पंखा, गुड़ और जल से भरा मिट्टी का घड़ा शामिल हैं।
- 05गंगा की स्वच्छता के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
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गंगा दशहरा 2026 का पर्व 6 जून को उत्तर फाल्गुनी एवं हस्त नक्षत्र के संयोग में मनाया जाएगा। इस दिन श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने के साथ मां गंगा की आरती करेंगे और दान-पुण्य करेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गंगा पृथ्वी पर शुद्धता और संपन्नता लेकर आई थी। पंडित राकेश झा के अनुसार, गंगा में स्नान और दान करने का विशेष महत्व है। श्रद्धालु दीघा घाट, पीपापुल घाट और गांधी घाट जैसे स्थानों पर स्नान करेंगे। दान में सत्तू, पंखा, ऋतुफल, गुड़ और जल से भरा मिट्टी का घड़ा देना शुभ माना जाता है। स्नान के बाद 10 दीपों का दान करने से पितरों को तृप्ति मिलती है। बिहार धार्मिक न्यास पर्षद द्वारा प्रदेश के सभी मठ-मंदिरों और गंगा घाटों पर गंगा आरती का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही गंगा की स्वच्छता के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
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गंगा दशहरा पर स्नान और दान से स्थानीय श्रद्धालुओं को धार्मिक अनुभव प्राप्त होगा।
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