इंदौर में कॉल डिटेल्स बेचने वाले पुलिसकर्मी की गिरफ्तारी
कॉल डिटेल बेचने का मामला: इंदौर क्राइम ब्रांच का ASI रिमांड पर, डिटेक्टिव एजेंसियों से बना रखा था नेटवर्क
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
भोपाल एटीएस ने इंदौर में कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन की अवैध बिक्री करने वाले एक पुलिसकर्मी और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। एएसआई रामपाल पर आरोप है कि वह निजी जासूसी एजेंसियों को यह जानकारी बेचता था। जांच जारी है कि कितने लोगों की जानकारी बेची गई।
- 01इंदौर क्राइम ब्रांच के एएसआई रामपाल को गिरफ्तार किया गया है।
- 02वह कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन की अवैध बिक्री कर रहा था।
- 03रामपाल ने निजी जासूसी एजेंसियों को जानकारी उपलब्ध कराई।
- 04एटीएस ने उसके सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया है।
- 05मुख्य संदिग्ध मुकेश तोमर फरार हो गया है।
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भोपाल एटीएस ने इंदौर में एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और मोबाइल टावर लोकेशन की अवैध बिक्री कर रहा था। इस मामले में इंदौर क्राइम ब्रांच में कार्यरत एएसआई रामपाल को गिरफ्तार किया गया है। जांच में पता चला कि वह निजी जासूसी एजेंसियों को लोगों की कॉल डिटेल बेच रहा था। एटीएस ने रामपाल को महाराष्ट्र के सोलापुर से गिरफ्तार किया, जहां वह अपने पद का दुरुपयोग कर रहा था। उसके मोबाइल और लैपटॉप की जांच में कई सबूत मिले हैं, जो उसकी गतिविधियों को दर्शाते हैं। एटीएस ने उसके सहयोगियों योगेश बेलवाल और अनिकेत पटेल को भी गिरफ्तार किया है। जांच जारी है कि कितने लोगों की जानकारी बेची गई और मुख्य संदिग्ध मुकेश तोमर फरार हो गया है।
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इस मामले से आम लोगों की गोपनीयता पर खतरा उत्पन्न हुआ है, और यह दर्शाता है कि पुलिसकर्मी भी अवैध गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं।
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