मध्य प्रदेश में मानसून की शुरुआत; तेज बारिश, ओलावृष्टि और आंधी का अलर्ट
मानसून की दस्तक; मध्य प्रदेश में मौसम बदला, कई जिलों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और आंधी का अलर्ट
Ndtv
Image: Ndtv
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मध्य प्रदेश में बारिश और आंधी का दौर शुरू कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
- 01मध्य प्रदेश के कई जिलों में 30 और 31 मई को भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है।
- 02भिंड जिले के गोरमी में 72 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि अशोकनगर में हवा की रफ्तार 70 किमी प्रति घंटा रही।
- 03मौसम विभाग ने अगले चार से पांच दिनों में मानसून की सक्रियता बढ़ने की संभावना जताई है।
- 04किसानों को ओलावृष्टि और तेज हवाओं से फसलों की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
- 05मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह मानसून लू की स्थिति को कम करेगा और कृषि गतिविधियों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
Advertisement
In-Article Ad
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मध्य प्रदेश में अपनी सक्रियता बढ़ाते हुए कई जिलों में तेज बारिश, गरज-चमक, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का दौर शुरू कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 और 31 मई को मंदसौर और नीमच जिलों में भारी बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। भिंड जिले के गोरमी में 72 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि अशोकनगर में हवा की अधिकतम रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटा रही। शिवपुरी, मुरैना, सागर और श्योपुर जिलों में ओलावृष्टि की घटनाएं भी सामने आई हैं। मौसम विभाग ने अगले चार से पांच दिनों में मानसून की सक्रियता बढ़ने की संभावना जताई है, जिससे लू की स्थिति में कमी आ सकती है। प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
Advertisement
In-Article Ad
मौसम में बदलाव से किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
आपको क्या लगता है, मानसून का यह प्रारंभिक प्रभाव कृषि के लिए फायदेमंद होगा?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




